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Vastu Tips: वास्तु टिप्स: घर की किस दिशा में होना चाहिए मंदिर? गलत दिशा में पूजा घर ला सकता है आर्थिक और मानसिक संकट

Vastu Tips: हिंदू धर्म में घर के मंदिर का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि मंदिर से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में सुख-शांति बनाए रखती है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि मंदिर सही दिशा में न हो, तो इसके विपरीत परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि गलत दिशा में रखा मंदिर तरक्की में बाधा और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।

Vastu Tips: वास्तु टिप्स: घर की किस दिशा में होना चाहिए मंदिर? गलत दिशा में पूजा घर ला सकता है आर्थिक और मानसिक संकट
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By Madhu Sharma

Vastu Tips: हिंदू धर्म में घर के मंदिर का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि मंदिर से निकलने वाली सकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में सुख-शांति बनाए रखती है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि मंदिर सही दिशा में न हो, तो इसके विपरीत परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि गलत दिशा में रखा मंदिर तरक्की में बाधा और मानसिक तनाव का कारण बन सकता है।

​ईशान कोण है सबसे उत्तम

​वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में मंदिर के लिए ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) सबसे श्रेष्ठ मानी गई है। इस दिशा को देवताओं का स्थान कहा जाता है। उत्तर-पूर्व में पूजा स्थल होने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

​भूलकर भी इन दिशाओं में न रखें मंदिर

​दक्षिण दिशा: घर की दक्षिण दिशा में मंदिर रखने से बचना चाहिए। वास्तु के अनुसार यह दिशा पितरों की मानी जाती है, यहाँ पूजा घर होने से धन हानि और मानसिक अशांति हो सकती है।

​सीढ़ियों के नीचे: जगह की कमी के कारण कई लोग सीढ़ियों के नीचे मंदिर बना लेते हैं, जो भारी वास्तु दोष पैदा करता है।

​शौचालय के पास: मंदिर कभी भी शौचालय के बगल में या उसके ठीक ऊपर-नीचे नहीं होना चाहिए। यह घर की पवित्रता को भंग करता है।

​शयनकक्ष (Bedroom): यदि मजबूरी में बेडरूम में मंदिर रखना पड़े, तो सोते समय उसे पर्दे से ढक देना अनिवार्य है।

​पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान

​मुख की दिशा: पूजा करते समय व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इससे एकाग्रता बढ़ती है और प्रार्थना स्वीकार होती है।

​मूर्तियों की स्थिति: मंदिर में कभी भी खंडित मूर्तियां न रखें। साथ ही, एक ही भगवान की कई मूर्तियां रखने से भी बचना चाहिए।

​दीपक का स्थान: पूजा करते समय घी का दीपक हमेशा अपनी दाईं ओर और तेल का दीपक बाईं ओर रखना शुभ माना जाता है।

​विशेषज्ञ की राय

​वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, "मंदिर केवल एक स्थान नहीं, बल्कि ऊर्जा का केंद्र है। यदि इसे सही दिशा में स्थापित किया जाए, तो यह घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर चमत्कारी प्रभाव डालता है। हमेशा ध्यान रखें कि मंदिर फर्श पर न होकर थोड़ी ऊंचाई पर हो, ताकि भगवान के चरण आपके हृदय के स्तर पर रहें।"

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