Thursday Ko Kya Nahi Karna Chahiye: किस्मत और कंगाली से जुड़ा है नाखून काटने का दिन, भूलकर भी गुरुवार को न करें ये काम
Thursday Ko Kya Nahi Karna Chahiye: हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में दैनिक जीवन के कार्यों के लिए विशेष नियम बताए गए हैं। इन्हीं में से एक है— नाखून काटना। लेकिन गुरूवार को ऐसे ही कुछ काम करने से आप कंगाल हो सकते हैं...

Thursday Ko Kya Nahi Karna Chahiye: अक्सर लोग समय मिलने पर किसी भी दिन नाखून काट लेते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार, गलत दिन और गलत समय पर नाखून काटना न केवल आर्थिक तंगी (कंगाली) का कारण बनता है, बल्कि यह आपकी सेहत और भाग्य पर भी बुरा असर डाल सकता है।
किस दिन नाखून काटना है शुभ?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सप्ताह के कुछ दिन नाखून काटने के लिए बहुत सकारात्मक माने गए हैं:
बुधवार: इस दिन नाखून काटना बेहद शुभ माना जाता है। इससे धन लाभ के योग बनते हैं और व्यापार में उन्नति होती है।
शुक्रवार: शुक्रवार का संबंध सुख-सुविधाओं की देवी लक्ष्मी से है। इस दिन नाखून काटने से रिश्तों में मधुरता आती है और जीवन में ऐश्वर्य बढ़ता है।
शनिवार: हालांकि कई लोग इससे डरते हैं, लेकिन कुछ मान्यताओं के अनुसार शनिवार को नाखून काटने से मानसिक शांति प्राप्त होती है (बशर्ते आपकी कुंडली में शनि की स्थिति अनुकूल हो)।
इन दिनों में भूलकर भी न काटें नाखून
कुछ विशेष दिनों में नाखून काटना सीधे तौर पर दुर्भाग्य को निमंत्रण देना माना जाता है:
गुरुवार: इस दिन नाखून काटने से शिक्षा, ज्ञान और सौभाग्य में कमी आती है। यह आर्थिक संकट का भी कारण बन सकता है।
मंगलवार: मंगलवार को नाखून काटना भाई-बहनों से विवाद और रक्त संबंधी समस्याओं को बुलावा देना माना जाता है। इसे 'अमंगल' माना गया है।
रविवार: सूर्य देव के इस दिन नाखून काटने से आत्मविश्वास में कमी आती है और सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
समय का रखें विशेष ध्यान
शास्त्रों में स्पष्ट उल्लेख है कि सूर्यास्त के बाद या रात के समय कभी भी नाखून नहीं काटने चाहिए। माना जाता है कि रात में नाखून काटने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और घर में दरिद्रता का वास होने लगता है। इसके पीछे वैज्ञानिक तर्क यह भी है कि पुराने समय में रोशनी कम होने के कारण चोट लगने का डर रहता था।
विशेषज्ञों का मत
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि, "शरीर के मृत हिस्से (नाखून और बाल) का संबंध शनि और राहु से होता है। इन्हें अनुचित समय पर काटने से ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है, जिसका सीधा असर हमारे बैंक बैलेंस और मानसिक स्थिति पर पड़ता है।"
