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Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : घर बैठे निहारें भोलेनाथ का दिव्य श्रृंगार, बर्फीली हवाओं के बीच महादेव की भक्ति में डूबे श्रद्धालु

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : धर्म की नगरी उज्जैन में आज रविवार की सुबह एक बार फिर आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, हाड़ कंपाने वाली शीतलहर और घने कोहरे के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है

Mahakal Bhasm Aarti Live Today  : उज्जैन से  लाइव : घर बैठे निहारें भोलेनाथ का दिव्य श्रृंगार, बर्फीली हवाओं के बीच महादेव की भक्ति में डूबे श्रद्धालु
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Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : घर बैठे निहारें भोलेनाथ का दिव्य श्रृंगार, बर्फीली हवाओं के बीच महादेव की भक्ति में डूबे श्रद्धालु

By UMA

Mahakal Bhasm Aarti Live Today 18 Jan 2026 : उज्जैन : धर्म की नगरी उज्जैन में आज रविवार की सुबह एक बार फिर आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है, हाड़ कंपाने वाली शीतलहर और घने कोहरे के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही है, ब्रह्म मुहूर्त में जैसे ही विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के मंदिर के पट खुले, पूरा परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गुंजायमान हो गया, बाबा के दर्शन की आस में श्रद्धालु रात से ही कतारों में लगकर इंतजार कर रहे थे, और जैसे ही गर्भगृह के द्वार खुले, भक्तों को बोलेनाथ ने दर्शन दिए

Mahakal Bhasm Aarti Live Today 18 Jan 2026 : पंचामृत अभिषेक और अलौकिक त्रिपुंड श्रृंगार

मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए दिन की शुरुआत बाबा के जल अभिषेक के साथ हुई, इसके बाद भगवान महाकाल को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से शाही स्नान कराया गया, आज बाबा का श्रृंगार विशेष रूप से बेहद खास है, जो बहुत आकर्षक लग रहा है, उनके माथे पर चंदन से बेहद सुंदर और तेजस्वी त्रिपुंड सजाया गया, भांग, सूखे मेवों और ताजे सुगंधित फूलों से महादेव का ऐसा मनमोहक रूप निखारा गया की श्रद्धालु अपनी सुध बुध खोकर प्रभु को निहार रहे है

भस्म की वर्षा और मंत्रो से गूंजा गर्भगृह

आरती का सबसे खास पल तब आता है जब महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को पवित्र भस्म अर्पित की जाती है आज भी जैसे ही सूती कपड़े से बांध कर भस्म की वर्षा भोलेनाथ पर की गई तो पूरा गर्भगृह एक भीनी भीनी खुशबु से भर गया शंखों की गूंज, डमरू की थाप और पंडितों के वैदिक मंत्र के उचारण ने वातावरण में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया की वहा उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूम उठे, लगभग दो घंटे तक चलने वाली इस भस्म आरती में भक्तों ने साक्षात त्रिकालदर्शी महादेव के दर्शन किए और निहाल हो गए

दिन भर जारी रहेगा महादेव की सेवा का सिलसिला

महाकाल मंदिर में भक्ति का यह क्रम केवल भस्म आरती तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा दिन बाबा की विशेष सेवा में बीतता है, भस्म आरती के बाद दद्योदक आरती, फिर दोपहर की भोग आरती, शाम को भव्य संध्या आरती और अंत में शयन आरती की जाती है, बाबा महाकाल पूरे दिन अपने भक्तों को अलग अलग स्वरूपों मे दर्शन देते है

दर्शन वयवस्था भक्तो के लिए

मंदिर समिति ने भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के अच्छे इंतजाम किए है, आम श्रद्धालुओं को महाकाल लोक के रास्ते मानसरोवर गेट से प्रवेश दिया जा रहा है, और वही जल्दी दर्शन करने वाले भक्तो के लिए अलग से 250 रूपये की रसीद वाली व्यवस्था भी है जहा उन्हें दुसरे रश्ते से एंट्री दी जा रही है महाकाल मंदिर की एक और खास मान्यता है की जूना महाकाल के दर्शन के बिना महाकाल की यात्रा अधूरी रहती है मतलब यह मंदिर परिसर में ही जुना महाकाल है अगर आप महाकाल दर्शन पर आये है तो जुना महाकाल के दर्शन जरुर करे और अपनी उज्जैन यात्रा को पूरा करे, जय महाकाल

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