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Shukra Pradosh Vrat 2026 Upay : आज शिव जी पर अगर चढ़ा देंगे ये चीज तो हो जायेंगे मालामाल, गरीबी भाग जाएगी कोसो दूर

Shukra Pradosh Vrat 2026 Upay : शुक्र प्रदोष व्रत वाले दिन किसी शिवालय में केसर मिश्रित दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए.

Shukra Pradosh Vrat 2026 Upay : आज शिव जी पर अगर चढ़ा देंगे ये चीज तो हो जायेंगे मालामाल, गरीबी भाग जाएगी कोसो दूर
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By Meenu Tiwari

Shukra Pradosh Vrat 2026 Upay : वर्ष 2026 के जनवरी माह का अंतिम प्रदोष व्रत कल है. और कल का दिन आपके लिए बहुत खास हो सकता है. एक खास उपाय से आप अपने सोये भाग्य को जगा सकते हैं. इस उपाय से भगवान शिव की आप पर ऐसी कृपा होगी जो आपका जीवन बदल देगा


शुक्र प्रदोष व्रत वाले दिन किसी शिवालय में केसर मिश्रित दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार शिव पूजा के इस उपाय से साधक की आर्थिक दिक्कतें दूर होती हैं और उसके घर में धन का भंडार हमेशा भरा रहता है.


प्रत्येक मास के कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवन भोलेनाथ का विशेष दिन माना गया है. इस पावन तिथि को प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. कल 30 जनवरी 2026 को जनवरी का अंतिम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. शुक्रवार के दिन पड़ने के कारण यह शुक्र प्रदोष व्रत कहलाएगा. आइए जनवरी और माघ मास के आखिरी प्रदोष व्रत की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं.

शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार यह प्रदोष काल 30 जनवरी 2026, शुक्रवार की शाम को 05:52 बजे से 08:26 बजे के बीच में रहेगा. प्रदोष व्रत वाले दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय रहेगा.




शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा विधि

  • शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा के लिए साधक को सुबह स्नान-ध्यान करने के बाद शिवलिंग पर दूध एवं जल चढ़ाकर महादेव के मंत्र का जप करना चाहिए. इसके बाद पूरे दिन शिव का मनन करते हुए अपने दैनिक कार्य करें.
  • भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए शाम के समय एक बार फिर तन और मन से पवित्र होकर प्रदोष काल के समय गंगाजल, बेलपत्र, शमीपत्र, चंदन, भस्म, धूप, दीप, फल और पुष्प आदि अर्पित करते हुए पूरे विधि-विधान से शिवपूजन और संभव हो सके तो रुद्राभिषेक करना चाहिए.
  • प्रदोष काल की पूजा में साधक को प्रदोष व्रत की को कहने या सुनने के बाद विशेष रूप से रुद्राष्टकं या शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करना चाहिए.
  • प्रदोष व्रत की पूजा के अंत भगवान शिव की श्रद्धा और विश्वास के साथ आरती करना चाहिए तथा सभी को प्रसाद बांटने के बाद स्वयं भी ग्रहण करना चाहिए.




शुक्र प्रदोष व्रत के प्रमुख लाभ


  • शुक्र प्रदोष व्रत के शुभ प्रभाव से व्यक्ति की आर्थिक दिक्कतें दूर होती हैं और दुख-दारिद्रय का नाश होता है.
  • शुक्र प्रदोष व्रत के पुण्य प्रभाव से व्रत करने वाली महिला को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसका दांपत्य जीवन हमेशा सुखमय बना रहता है.
  • शुक्र प्रदोष व्रत को करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है.
  • शुक्र प्रदोष व्रत के पुण्य प्रभाव से साधक को सुख-सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है.





Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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