Shattila ekadashi 2026: षटतिला एकादशी में करे गंगा पूजन और तिल दान, मिलेगी पापो से मुक्ति, बरसेगी लक्ष्मी कृपा, जाने किस दिन है
Shattila ekadashi 2026: षटतिला एकादशी पवन पर्व है इस दिन गंगा पूजन करने और तिल दान दान करने में पापो से मुक्ति, मिलेगी अरु आर्थिक संकट दूर होगए लक्ष्मी कृपा बरसने से।

Shattila ekadashi 2026: षटतिला एकादशी पवन पर्व है इस दिन गंगा पूजन करने और तिल दान दान करने में पापो से मुक्ति, मिलेगी अरु आर्थिक संकट दूर होगए लक्ष्मी कृपा बरसने से।
14 जनवरी को उदया तिथि में होगा व्रत
इस बार षटतिला एकादशी व्रत 14 जनवरी को है। वैदिक पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि का आरंभ 13 जनवरी मंगलवार दोपहर 3 बजकर 18 मिनट पर होगा और 14 फरवरी को शाम में 5 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। ऐसे में 14 जनवरी को उड़ाया तिथि में एकादशी हाई।
षटतिला एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत फलदायी माना गया है। जैसा कि आपने उल्लेख किया, इस दिन 'तिल' का महत्व सबसे अधिक है। 'षट' का अर्थ है छह, यानी इस दिन छह अलग-अलग तरीकों से तिल का उपयोग करने का विधान है।
इन उपायों से मिलेगी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा
शास्त्री के अनुसान इस दिन ये उपाय करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और दरिद्रता दूर होती है। तिल का दान और तिल का उबटन लगाने से आध्यात्मिक वृद्धि होती है साथ ही पापो से मुक्ति मिटी है। साथी ही तिल से बनी चीजों का दान भी करना चाहिए
गंगा पूजन करें
इस दिन गगन पूजन करना चाहिए। गागा चालीसा का पाठ करने से पापो से मुक्ति मिलेगी। साथ ही गागा स्नान का भी विशेष महत्व है।
चांवल का सेवन है वर्जित
14 जनवरी को मकर संक्रांति है इस दिन चांवल की खिचड़ी का विशेष महत्व होता है, लेकिन एकादशी में चांवल का सेवन वर्जित होता है । जिससे चावल के उपयोग नही करना चाहिए।
