Ram Lala Aarti Live Today : अयोध्या से लाइव : प्रभु श्री रामलला की भव्य आरती, बालक राम के मनमोहक स्वरुप और श्रृंगार के दर्शन कर धन्य हुए भक्त, आप भी घर बैठे करें दर्शन
Ram Lala Aarti Live Today : 3 जनवरी, 2026 राम नगरी अयोध्या में आज सुबह तड़के प्रभु श्री रामलला की भव्य जागरण आरती (मंगला आरती) के साथ दिन की शुरुआत हुई।

Ram Lala Aarti Live Today : अयोध्या से लाइव : प्रभु श्री रामलला की भव्य आरती, बालक राम के मनमोहक स्वरुप और श्रृंगार के दर्शन कर धन्य हुए भक्त, आप भी घर बैठे करें दर्शन
Ram Mandir Live Aarti Today 3 January 2026 : अयोध्या | 3 जनवरी, 2026 राम नगरी अयोध्या में आज सुबह तड़के प्रभु श्री रामलला की भव्य जागरण आरती (मंगला आरती) के साथ दिन की शुरुआत हुई। कड़ाके की ठंड और सुबह के कोहरे के बीच हजारों की संख्या में श्रद्धालु राम जन्मभूमि परिसर पहुँचे। मुख्य पुजारी द्वारा वेदमंत्रों के उच्चारण और शंखध्वनि के बीच रामलला को निद्रा से जगाया गया। आज प्रभु का विशेष पुष्प श्रृंगार किया गया, जिसमें पीले और केसरिया फूलों की महक ने पूरे गर्भगृह को महका दिया। रामलला के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा परिसर जय श्री राम के जयघोष से गूँज उठा।
Ram Mandir Live Aarti Today 3 January 2026 : प्रभु रामलला की दैनिक आरतियों का क्रम अयोध्या राम मंदिर में ट्रस्ट द्वारा निर्धारित की गई आरतियों का क्रम भक्तों को प्रभु की सेवा के अलग-अलग चरणों का दर्शन कराता है ब्रह्म मुहूर्त में जागरण और श्रृंगार आरती के बाद, मध्याह्न काल में भोग आरती दोपहर 12:00 बजे प्रभु की भोग आरती की जाती है। इस समय रामलला को पूरी, सब्जी, खीर और विशेष सात्विक व्यंजनों का नैवेद्य लगाया जाता है। मान्यता है कि इस समय प्रभु भोजन ग्रहण करते हैं, इसलिए कुछ समय के लिए पट बंद किए जाते हैं और फिर आरती के बाद भक्तों के लिए दर्शन पुनः सुलभ होते हैं।
संध्या बेला में संध्या और शयन आरती जैसे ही सूर्य अस्त होता है, शाम 7:30 बजे संध्या आरती का आयोजन होता है। दीपों की रोशनी में रामलला का चेहरा अत्यंत ओजस्वी नजर आता है। अंत में, रात्रि 8:30 से 9:00 बजे के बीच शयन आरती की जाती है। इस आरती के बाद प्रभु को विश्राम कराया जाता है और मंदिर के पट अगले दिन सुबह तक के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था और दर्शन गाइड
3 जनवरी का दिन होने के कारण ठंड का असर तेज है, जिसे देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने दर्शनार्थियों के लिए हीटिंग सिस्टम और कतारों में गर्म पानी की व्यवस्था की है। सुगम दर्शन के लिए तीर्थयात्री सुविधा केंद्र पर सामान रखने और पास लेने की प्रक्रिया को डिजिटल किया गया है। यदि आप भी रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आरती का पास ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, क्योंकि भीड़ को देखते हुए मौके पर पास मिलना कठिन होता है।
रामलला के दर्शन के साथ अयोध्या में इन पौराणिक स्थलों के भी करें दर्शन
अयोध्या केवल राम जन्मभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ का कण-कण रामायण काल की स्मृतियों को संजोए हुए है। यदि आप प्रभु श्री रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पूर्ण करने के लिए इन प्रमुख स्थलों के दर्शन अवश्य करें:
हनुमानगढ़ी: अयोध्या के रक्षक का द्वार अयोध्या की परंपरा है कि रामलला के दर्शन से पहले भक्त हनुमानगढ़ी जाकर पवनपुत्र हनुमान का आशीर्वाद लेते हैं। ऊंचे टीले पर स्थित इस भव्य मंदिर में हनुमान जी अपनी माता अंजनी की गोद में बालक रूप में विराजमान हैं। माना जाता है कि लंका विजय के बाद हनुमान जी यहीं रहकर अयोध्या की रक्षा करते थे। यहाँ की सीढ़ियाँ चढ़ते ही भक्त को एक अद्भुत शक्ति और शांति का अनुभव होता है।
कनक भवन: प्रभु का दिव्य महल राम जन्मभूमि से कुछ ही दूरी पर स्थित कनक भवन अपनी भव्य वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। इसे 'सोने का घर' भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि माता कैकेयी ने यह भवन माता सीता को मुँह दिखाई में उपहार स्वरूप दिया था। मंदिर के गर्भगृह में प्रभु श्री राम और माता जानकी की स्वर्ण मुकुट धारण किए हुए मनमोहक प्रतिमाएं हैं, जो भक्तों का मन मोह लेती हैं।
सरयू तट और राम की पैड़ी अयोध्या की यात्रा सरयू नदी के दर्शन और स्नान के बिना अधूरी मानी जाती है। सरयू जी के किनारे बनी राम की पैड़ी अब हरिद्वार के हर की पैड़ी जैसी भव्य नजर आती है। शाम के समय यहाँ होने वाली सरयू आरती और लेजर शो एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं। इसके समीप ही 'नागेश्वर नाथ मंदिर' है, जिसे भगवान राम के पुत्र कुश ने बनवाया था।
अन्य पौराणिक स्थल इनके अलावा भक्त दशरथ महल, जहाँ महाराज दशरथ का निवास था, और मणि पर्वत जा सकते हैं। साथ ही, छोटी छावनी और तुलसी स्मारक भवन भी दर्शन योग्य हैं। नई अयोध्या में म्यूजियम और डिजिटल गैलरी के माध्यम से रामायण काल को आधुनिक तकनीक से दिखाया जा रहा है, जो नई पीढ़ी के लिए आकर्षण का केंद्र है।
