Ram Lala Mangala Aarti Live : कड़ाके की ठंड में मखमली काले रंग के लिबास में सजे रामलला, बालक राम की मनमोहक मुस्कान पर निहाल हुए भक्त
Ram Lala Mangala Aarti Live : रामनगरी अयोध्या में आज शनिवार की सुबह भक्ति और आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ा है जिसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो पूरी नगरी ही राममय हो गई हो

Ram Lala Mangala Aarti Live Today 17 January 2026 : अयोध्या : रामनगरी अयोध्या में आज शनिवार की सुबह भक्ति और आस्था का एक ऐसा सैलाब उमड़ा है जिसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो पूरी नगरी ही राममय हो गई हो, भीड़ को देखेत हुए जैसे हाड़ कपाने वाली ठंड और सुबह का घाना कोहरा भी जैसे को कोई फर्क न पड़ रहा हो, जैसे ही सुबह हुई, सरयू तट से लेकर मंदिर के द्वार तक जय श्री राम के जयघोष की गूंज सुनाई देने लगी, हजारों श्रद्धालु रात से ही अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिए पलके बिछाए बैठे थे
Ram Lala Mangala Aarti Live Today 17 January 2026 : मंगला आरती के साथ जब जागे बालक राम
प्रभु रामलला के दरबार में दिन की पावन शुरुआत सुबह 6:30 बजे मंगला आरती के साथ की जाती हैं, यह दृश्य किसी उत्सव से कम नही होती, मुख्य पुजारी ने बड़े ही लाड-प्यार और ममता के साथ मंत्रोच्चार करते हुए बालक राम को नींद से जगाया, शंखों की मधुर गूंज और घंटियों की आवाज के साथ जब पर्दा हटा और प्रभु की पहली झलक भक्तों के सामने आई, तो पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा, परंपरा के अनुसार सबसे पहले दूध, दही, घी, शक्कर और शहद के पंचामृत से रामलला का अभिषेक किया गया
मखमली और ऊनी वस्त्रों के साथ प्रभु का श्रृंगार
अयोध्या के भव्य मंदिर में रामलला की सेवा बिल्कुल वैसे ही की जाती है जैसे एक छोटे बालक की घर में होती है, कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए आज प्रभु को खास गर्म वस्त्र धारण कराए गए अपने लाडले सरकार को ठंड से बचाने के लिए पुजारियों ने उन्हें मखमल के रेशमी और ऊनी और काले रंग के वस्त्र पहनाए, सोने के मुकुट, कीमती आभूषणों और ताजे फूलों के हार से सजे प्रभु का मुखमंडल इतना ओजस्वी और जीवंत लग रहा था की भक्त उन्हें बस एक टक निहारते ही रह गए, श्रृंगार के बाद जब रामलला को उनका सबसे प्रिय माखन-मिश्री का भोग लगाया गया, तो उनकी मंद मुस्कान ने हर किसी का दिल जीत लिया
मौसम के अनुसार रामलला की सेवा
मंदिर के पुजारी बताते हैं की प्रभु की दिनचर्या में मौसम का पूरा ख्याल रखा जाता है जैसे गर्मियों में उन्हें हल्के सूती और शीतल वस्त्र पहनाए जाते हैं, वैसे ही इन दिनों उन्हें गर्म तासीर वाले भोग और ऊनी कपड़े दिए जा रहे हैं, आज जब आरती के समय पुजारी जी ने बालक राम की नजर उतारी, तो वह पल इतना भावुक कर देने वाला था की वहां मौजूद कई श्रद्धालुओं की आँखों से खुशी के आंसू छलक पड़े, भक्त कह रहे थे कि रामलला की आंखों में ऐसी चमक है की लगता है मानो प्रभु अभी बोल पड़ेंगे
मंगला से शयन आरती तक प्रभु राम की सेवा
रामलला के दरबार में प्रभु की सेवा का क्रम सुबह से देर रात तक चलता रहता है, सुबह की भव्य मंगला और श्रृंगार आरती के बाद दोपहर 12 बजे भोग आरती होती जिसमे उन्हें मौसम के अनुसार खाना खिलाया जाता है, जिसके बाद प्रभु विश्राम के लिए जाते हैं, दोपहर 2 बजे उन्हें पुनः जगाकर उत्थापन आरती की जाती है, फिर शाम 7 बजे की संध्या आरती में हजारों दीपों की रोशनी से राम मंदिर जगमगा उठता है और अंत में रात 9 बजे शयन आरती होती है, जहाँ लोरी सुनाकर बालक राम को बड़े प्रेम से सुलाया जाता है
श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष इंतजाम
ठंड को देखते हुए श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए दर्शन मार्ग और प्रतीक्षालयों में हीटर लगाए गए हैं साथ ही श्रद्धालुओं के लिए गर्म पानी और चाय की भी व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो, मंदिर प्रशासन लगातार भीड़ को नियंत्रित करते हुए आसान दर्शन वयवस्था कर रहा है, जय श्री राम
