Ram Lala Aarti Live Today : अयोध्या से लाइव : प्रभु श्री रामलला का दिव्य मनमोहक श्रृंगार और भव्य आरती, अलौकिक दर्शन से सराबोर हुए श्रद्धालु, आप भी घर बैठे करें दर्शन
Ram Lala Aarti Live Today : उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य मंदिर में प्रतिदिन भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिलता है।

Ram Lala Aarti Live Today : अयोध्या से लाइव : प्रभु श्री रामलला का दिव्य मनमोहक श्रृंगार और भव्य आरती, अलौकिक दर्शन से सराबोर हुए श्रद्धालु, आप भी घर बैठे करें दर्शन
Ram Lala Live Darshan Today 4 January 2026 : अयोध्या धाम। 4 जनवरी : उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में प्रभु श्री रामलला के भव्य मंदिर में प्रतिदिन भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। मंदिर में रामलला की सेवा और अर्चना के लिए एक विशेष 'रामानंदीय' पद्धति का पालन किया जाता है, जो भक्तों को त्रेतायुग की दिव्यता का अनुभव कराती है। गूगल पर राम मंदिर की लाइव अपडेट खोज रहे भक्तों के लिए यहाँ की पूजन विधि अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Ram Lala Live Darshan Today 4 January 2026 : मंगला आरती और दिव्य जागरण अयोध्या राम मंदिर में दिन की शुरुआत मंगला आरती से होती है, जो तड़के 6:30 बजे संपन्न की जाती है। इस आरती का मुख्य उद्देश्य प्रभु को निद्रा से जगाना होता है। आरती से पूर्व रामलला को बड़े प्यार से कोमलता के साथ जगाया जाता है और फिर विधि-विधान से जल स्नान कराया जाता है। इसके पश्चात, बाल स्वरूप रामलला का विशेष श्रृंगार होता है, जिसमें उन्हें रेशमी वस्त्र, रत्नजड़ित मुकुट और स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाते हैं। मंगला आरती के दर्शन करना आध्यात्मिक रूप से अत्यंत फलदायी माना जाता है।
पंचोपचार और षोडशोपचार पूजन
मंगला आरती के बाद प्रभु का मुख्य पूजन शुरू होता है। इसमें मुख्य रूप से पंचोपचार गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य और षोडशोपचार पद्धति का पालन किया जाता है। रामलला को ताजे फूलों की माला अर्पित की जाती है और इत्र का लेपन किया जाता है। इस दौरान वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार किया जाता है, जिससे पूरा गर्भगृह सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। दोपहर 12:00 बजे भोग आरती की जाती है, जहाँ प्रभु को विशेष सात्विक राजभोग अर्पित किया जाता है, जिसमें खीर, पूरी और ऋतु फल शामिल होते हैं।
संध्या और शयन आरती की भव्यता
शाम के समय सूर्यास्त के उपरांत संध्या आरती का आयोजन होता है। इस समय मंदिर के भीतर और बाहर हजारों दीपों की रोशनी और धूप-अगरबत्ती की सुगंध एक अलौकिक वातावरण निर्मित करती है। श्रद्धालु इस समय 'राम रामेति रामेति' के संकीर्तन में लीन रहते हैं। दिन का अंतिम पड़ाव शयन आरती होती है। इस आरती में प्रभु को सुलाने के लिए मधुर भजन गाए जाते हैं और फिर गर्भगृह के पट विश्राम के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था
लाइव दर्शन की बढ़ती मांग को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुगम दर्शन की व्यवस्था की है। गूगल आधारित सर्च डेटा के अनुसार, श्रद्धालु घर बैठे भी विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आरती का सीधा प्रसारण देख सकते हैं। अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ वृद्ध और दिव्यांग भक्तों के लिए गोल्फ कार्ट और व्हीलचेयर की विशेष सुविधा सुनिश्चित की है। रामलला के दर्शन का यह अनुभव न केवल धार्मिक है, बल्कि भारतीय संस्कृति की भव्यता का प्रतीक भी है।
