Mahakal Bhasm Aarti Live : महाकाल दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब : भस्म आरती में बाबा भोलेनाथ का अलौकिक श्रृंगार, जयकारों से गूंजी अवंतिका नगरी
Mahakal Bhasm Aarti Live : आज 14 जनवरी बुधवार अवंतिका नगरी में सुबह का नजारा कुछ अलग ही हैं, उत्तर भारत की शीतलहर के बावजूद बाबा महाकाल के भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही हैं

Mahakal Bhasm Aarti Live : महाकाल दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब : भस्म आरती में बाबा भोलेनाथ का अलौकिक श्रृंगार, जयकारों से गूंजी अवंतिका नगरी
उज्जैन : Mahakal Bhasm Aarti Live Today 14 Jan 2026 : आज 14 जनवरी बुधवार अवंतिका नगरी में सुबह का नजारा कुछ अलग ही हैं, उत्तर भारत की शीतलहर के बावजूद बाबा महाकाल के भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही हैं, कड़कड़ाती ठंड में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु रात से ही कतारों में खड़े रहे, और जैसे ही सुबह के 4 बजे और मंदिर के पट खुले, तो पूरा परिसर जय श्री महाकाल के जयघोष से गुंजायमान हो गया।
Mahakal Bhasm Aarti Live Today 14 Jan 2026 : बाबा का दिव्य श्रृंगार और अलौकिक रूप
ब्रह्म मुहूर्त में जब गर्भगृह का कपाट खोला गया, उसके बाद बाबा महाकाल का जलाभिषेक और पंचामृत अभिषेक किया गया, आज बाबा का श्रृंगार विशेष रूप से बेहद मनमोहक रहा, उनके मस्तक पर चंदन का दिव्य त्रिपुंड सजाया गया और सुगंधित फूलों की मालाओं के साथ स्वर्ण आभूषण पहनाये गए, श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल का रूप इतना तेजस्वी लग रहा था की भक्त एक टक बस निहारते ही रह गए
भस्म की वर्षा और डमरू का नाद
भस्म आरती के दौरान जब कपिला गाय के गोबर से बने कंडों की पवित्र भस्म बाबा पर अर्पित की गई, भस्म ऐसा जिसे सफ़ेद सूती कपड़े में बंध कर हलके हाथों से महाकाल पर बिखेरा जाता हैं, पूरा वातावरण सोंधी खुशबू और उस आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता हैं, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच डमरू, शंख और झांझ की ध्वनि ने एक ऐसा माहोल बन जाता है की वहां मौजूद सभी श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमने लगते हैं करीब दो घंटे तक चलने वाली इस भस्म आरती में भक्तों को साक्षात शिव के दर्शन हुए
दिन भर चलता है भक्ति का सिलसिला
महाकाल मंदिर में पूजा भस्म आरती से शुरुआत होती है, इसके बाद दिन भर पूजा-अर्चना का क्रम लगातार जारी रहता है, भस्म आरती के बाद दद्योदक आरती होती है उसके बाद सुबह की भोग आरती होती है, फिर दोपहर में श्रृंगार के साथ फिर भोलेनाथ की पूजा की जाती हैं, और फिर शाम को सूर्यास्त के समय भव्य संध्या आरती की जाती है, और फिर आखरी में शयन आरती के साथ बाबा को विश्राम कराया जाता है, भक्तों को पूरे दिन बाबा के अलग-अलग रूपों के दर्शन करने का सौभाग्य मिलता हैं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इंतजाम
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर समिति ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं, आम श्रद्धालुओं को महाकाल लोक के रास्ते मानसरोवर गेट से प्रवेश दिया जा रहा है, ठंड को देखते हुए यात्री प्रतीक्षालय में उचित प्रबंध किए गए हैं, साथ ही, जल्दी दर्शन के इच्छुक लोगों के लिए 250 रुपये की शुल्क दर्शन व्यवस्था भी की गई हैं जिन्हें दुसरे रास्ते से मंदिर में एंट्री मिलती हैं
जूना महाकाल के बिना यात्रा अधूरी
उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक पुरानी मान्यता है की बाबा महाकाल के दर्शन तभी पूर्ण माने जाते हैं जब आप परिसर में स्थित जूना महाकाल के दर्शन भी करें, धार्मिक परंपरा के अनुसार, जूना महाकाल के दर्शन के बिना उज्जैन की यह आध्यात्मिक यात्रा अधूरी मानी जाती है, जय महाकाल
