Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : बाबा महाकाल का अलौकिक भस्म और श्रृंगार आरती, घर बैठे करें भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप के दर्शन
Mahakal Bhasm Aarti Live Today : धर्म की नगरी उज्जैन में आज सोमवार की सुबह आस्था और भक्ति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिल रहा है जैसे किस्सी पर ठंड का कोई असर ही न बाहर बर्फीली हवाएं चल रही है और घना कोहरा छाया हुआ है

Mahakal Bhasm Aarti Live Today : उज्जैन से लाइव : बाबा महाकाल का अलौकिक भस्म और श्रृंगार आरती, घर बैठे करें भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप के दर्शन
Ujjain Mahakal Bhasm Aarti Live Today 19 Jan 2026 : उज्जैन : धर्म की नगरी उज्जैन में आज सोमवार की सुबह आस्था और भक्ति का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिल रहा है जैसे किस्सी पर ठंड का कोई असर ही न बाहर बर्फीली हवाएं चल रही है और घना कोहरा छाया हुआ है, लेकिन बाबा महाकाल के भक्तों के उत्साह और जोश में कोई कमी नहीं दिख रही, ब्रह्म मुहूर्त में जैसे ही विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकाल के मंदिर के पट खुले, पूरा परिसर जय श्री महाकाल के गूंजते जयकारों से सराबोर हो गया, बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालु रात से ही लंबी लंबी कतारो में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे जैसे ही गर्भगृह के द्वार खुले, भक्तों को भोलेनाथ ने दर्शन दिए
Ujjain Mahakal Bhasm Aarti Live Today 19 Jan 2026 : पंचामृत अभिषेक और अलौकिक त्रिपुंड श्रृंगार
मंदिर की सदियों पुरानी परंपरा का पूरी श्रद्धा के साथ निर्वहन करते हुए दिन की शुरुआत बाबा के जल अभिषेक के साथ की गई, इसके बाद भगवान महाकाल को दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से शाही स्नान कराया गया, आज बाबा का श्रृंगार विशेष रूप से बेहद खास और अलौकिक रहा, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लग रहा था, उनके माथे पर चंदन से बेहद सुंदर और तेजस्वी त्रिपुंड सजाया गया, भांग, सूखे मेवों और ताजे सुगंधित फूलों से महादेव का ऐसा मनमोहक रूप निखारा गया कि श्रद्धालु अपनी सुध बुध खोकर बस एकटक प्रभु को निहारते ही रहे
भस्म की वर्षा और मंत्रों से गूंजा गर्भगृह
आरती का सबसे खास पल तब आया जब महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा को पवित्र भस्म अर्पित की गई, आज भी जैसे ही सूती कपड़े से बांधकर भस्म की वर्षा भोलेनाथ पर की गई, तो पूरा गर्भगृह एक भीनी भीनी खुशबू से महक उठा, शंखों की गूंज, डमरू की थाप और पंडितों के वैदिक मंत्रो ने वातावरण में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया की वहा उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर होकर झूमने लगे लगभग दो घंटे तक चलने वाली इस दिव्य भस्म आरती में भक्तों ने साक्षात त्रिकालदर्शी महादेव के दर्शन किए और खुद को धन्य महसूस किया
दिन भर जारी रहेगा महादेव की सेवा का सिलसिला
महाकाल मंदिर में भक्ति का यह क्रम केवल भस्म आरती तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरा दिन बाबा की विशेष सेवा और पूजा अर्चना में बीतता है, भस्म आरती के बाद दद्योदक आरती की जाती है, इसके बाद दोपहर की भोग आरती होगी, फिर शाम को भव्य संध्या आरती होती है और आखरी में शयन आरती की जाएगी, बाबा महाकाल पूरे दिन अपने भक्तों को अलग अलग स्वरूपो में दर्शन देकर उन पर अपनी कृपा बरसाते है
दर्शन व्यवस्था भक्तों के लिए जरूरी जानकारी
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के बहुत ही पुख्ता इंतजाम किए है, आम श्रद्धालुओं को महाकाल लोक के रास्ते मानसरोवर गेट से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा है, और वही जिन भक्तों को जल्दी दर्शन करना है, उनके लिए अलग से 250 रुपये की रसीद वाली व्यवस्था भी उपलब्ध है, जहा उन्हें दूसरे रास्ते से सीधे प्रवेश दिया जा रहा है, महाकाल मंदिर की एक और खास मान्यता है की जूना महाकाल के दर्शन के बिना महाकाल की यात्रा अधूरी मानी जाती है, यह मंदिर मुख्य परिसर में ही स्थित है, इसलिए अगर आप महाकाल दर्शन के लिए आए है, तो जूना महाकाल के दर्शन जरूर करे ताकि आपकी उज्जैन यात्रा पूरी और सफल हो सके, जय महाकाल
