Magh Month 2026 : 4 जनवरी से शुरू हो रहा है पुण्य और मोक्ष का महीना, जानें क्या करें और क्या नहीं
Magh Month 2026 : धार्मिक महत्व और भगवान विष्णु की कृपा सनातन धर्म में माघ महीने को आध्यात्मिक शुद्धिकरण और मोक्ष प्राप्ति का सबसे उत्तम समय माना जाता है।

Magh Month 2026 : 4 जनवरी से शुरू हो रहा है पुण्य और मोक्ष का महीना, जानें क्या करें और क्या नहीं
Magh Month 2026 Start Date : प्रयागराज : धार्मिक महत्व और भगवान विष्णु की कृपा सनातन धर्म में माघ महीने को आध्यात्मिक शुद्धिकरण और मोक्ष प्राप्ति का सबसे उत्तम समय माना जाता है। पद्मपुराण के अनुसार, इस पवित्र माह में भगवान विष्णु की आराधना का विशेष फल मिलता है। पौराणिक मान्यता है कि श्रीहरि व्रत या कठिन तपस्या से उतने प्रसन्न नहीं होते, जितना माघ मास के दौरान श्रद्धापूर्वक किए गए स्नान मात्र से हो जाते हैं। 11वें हिंदू महीने के रूप में पहचाना जाने वाला यह समय परिवार में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना गया है।
Magh Month 2026 Start Date : माघ मास 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां पंचांग गणना के अनुसार, साल 2026 में माघ महीने की शुरुआत 4 जनवरी से हो रही है, जो 1 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस पूरे एक महीने के दौरान प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर माघ मेला का आयोजन होता है, जहां भक्त कल्पवास करते हैं। मान्यता है कि इस अवधि में स्वर्ग से देवी-देवता भी धरती पर आकर पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, इसलिए संगम या किसी भी पवित्र नदी में डुबकी लगाना अनंत फलदायी होता है।
स्नान और दान के पीछे का वैज्ञानिक आधार : महाभारत के अनुशासन पर्व में माघ स्नान की महिमा का विस्तार से वर्णन है। धार्मिक लाभ के अलावा, माघ में ठंडे जल में स्नान करने का वैज्ञानिक महत्व भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में जल के विशेष तापमान में स्नान करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) में वृद्धि होती है। यह प्रक्रिया शरीर के सूक्ष्म रोगाणुओं का नाश करती है, जिससे व्यक्ति पूरे वर्ष स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करता है।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी नियम: क्या करें माघ के दौरान श्रद्धालुओं को प्रतिदिन सूर्योदय से पहले स्नान करना चाहिए। यदि नदी में स्नान संभव न हो, तो घर पर ही जल में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देना और 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करना अत्यंत शुभ होता है। इस माह में तिल और गुड़ का दान करना चाहिए। साथ ही, प्रतिदिन गीता का पाठ और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है।
भूलकर भी न करें ये काम: क्या न करें माघ के महीने में कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान सूर्योदय के बाद तक देर से सोना आलस्य और दोष का कारण बनता है। भोजन में मूली का सेवन पूरी तरह वर्जित है, क्योंकि इसे इस माह में अभक्ष्य माना गया है। इसके अलावा तामसिक भोजन जैसे मांस-मदिरा से दूरी बनाए रखनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के प्रति कटु वचन न बोलें और विवादों से दूर रहकर सात्विक जीवन शैली अपनाएं।
