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Kamarchath 2024 in Raipur : संतान की रक्षा के लिए माताओं ने की "कमरछठ पूजा"

Kamarchath 2024 in Raipur :

By Meenu Tiwari

Kamarchath 2024 in Raipur : छत्तीसगढ़ में आज कमरछठ और हलषष्ठी का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। रायपुर के कई मोहल्ले के साथ आस-पास के ग्रामों में भी आज माताओ ने अपने संतान की दीर्घायु और कुशलता की कामना के लिए कमरछठ या हलषष्ठी का व्रत रखा.

शहर के कुछ पंडितों ने npg news को बताया की संतान की प्राप्ति और सुख समृद्धि के लिए महिलाएं ये व्रत रखती हैं। साथ ही नवविवाहित महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए भी यह व्रत रखती हैं। इस पर्व की पूजा विधि बहुत ही रोचक है। महिलाएं घर में या सामूहिक स्थान पर एक जगह एकत्रित होकर आंगन में दो गड्ढे खोदती हैं, जिसे सगरी कहते हैं।



इस दिन महिलाएं अपने-अपने घरों से मिट्टी के खिलौने, बैल, शिवलिंग गौरी-गणेश इत्यादि बनाकर लाते हैं, जिन्हें सगरी के किनारे रखा जाता है, जिसकी पूजा की जाती है। उस सगरी में बेलपत्र, भैंस का दूध, दही, घी, फूल, कांसी के फूल, श्रृंगार का सामान, लाई और महुए का फूल चढ़ाया जाता है। इसके बाद महिलाएं हलषष्ठी माता व्रत की कथाएं सुनती हैं। कुल 6 कथायें सुनाई जाती हैं। आरती के बाद पूजन खत्म होता है।


भैंस का दूध, दही और पसहर चावल जरूरी


खास बात यह है कि इस व्रत के दिन गाय के दूध, दही, घी का सेवन नहीं बल्कि भैंस का दूध, दही और पसहर चावल आदि का सेवन किया जाता है।

पूजा करने के बाद माताएं अपने बच्चों को तिलक लगाकर कंधे के पास चंदन की पुताई लगाकर आशीर्वाद देती हैं।

Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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