Chandra Grahan Niyam: आज साल का पहला चंद्र ग्रहण! इस दौरान क्या करें और क्या नहीं, इन बातों को अच्छे से जान लें

Chandra Grahan
X

इमेज- इंटरनेट

Chandra Grahan 2026: आज 3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण है. चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों की मनाही होती है. जिसे करना अशुभ माना जाता है. तो चलिए जानते हैं सूतक और चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए.

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026, आज 3 मार्च को साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण है. चंद्र ग्रहण 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. ग्रहण का सूतक काल शुरू हो चूका है. जो कि सुबह 6 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ कार्यों की मनाही होती है. जिसे करना अशुभ माना जाता है. तो चलिए जानते हैं सूतक और चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए.

चंद्र ग्रहण कितने बजे से कब तक रहेगा

चंद्र ग्रहण 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. कूल ग्रहण करीब 3 घंटे 27 मिनट तक रहने वाला है. ये चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. भारत में शाम 05 बजकर 59 देखने को मिलेगा. साथ ही ईस्टर्न एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कई शहरों में दिखाई देगा.

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए

चावल, दूध, घी और सफेद वस्त्र का दान करना शुभ होता है.

चंद्र ग्रहण के दौरान भगवान शिव, चंद्रमा और ईष्ट देव के मंत्र का जाप करें.

चंद्र ग्रहण के दौरान श्राद्ध, हवन, तप करें, इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं.

चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से नहाना चाहिए.

स्नान के बाद घर के मंदिर को गंगा जल से साफ करके शुद्धिकरन करें.

इस दौरान किसी नए काम की शुरुआत न करें.

ग्रहण के दौरान ध्यान, भजन कीर्तन करना शुभ माना जाता है.

चंद्र ग्रहण से पहले सूतक के दौरान ही अनाज, पानी खाना में तुलसी की पत्तियां दाल दें.

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए

चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है. ऐसे में घर के मंदिर को लाल या फिर पीले कपड़े से ढक कर रखना चाहिए. क्योंकि इस दौरान भगवान की मूर्ती को छुना अशुभ माना जाता है.

चाकू और कैंची जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें.

इस दौरान नाखून और बाल काटना अशुभ होता है.

चंद्र ग्रहण में नकारात्मक बाते, गुस्सा, विवाद से बचें.

चंद्र ग्रहण गर्भवती महिला को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए.

इस दौरान न भोजन पकाएं और भोजन - जल ग्रहण न करें, यह अशुभ होता है.

ग्रहण के सोने और मालिश से बचें.

Tags

Next Story