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Basant panchami ke din pile rang ka mahtva : क्यों पहना जाता है बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े, चौका देंगे कारण

Basant panchami : पीला रंग शरीर के पित्त दोष को संतुलित करता है और गर्माहट व ऊर्जा प्रदान करता है।

Basant panchami ke din pile rang ka mahtva : क्यों पहना जाता है बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े, चौका देंगे कारण
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By Meenu Tiwari

Basant panchami ke din pile rang ka mahtva : बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का खास महत्व होता है. इस दिन पीले रंग के पहनावे के साथ-साथ माँ सरस्वती को पीले रंग के भोग और फूल भी चढ़ाये जाते हैं. इसे श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जिन्हें ज्ञान, बुद्धि, कला, संगीत और विद्या की देवी माना जाता है।

वसंत पंचमी से जुड़ी एक खास परंपरा पीले वस्त्र पहनने की है, जो इस पर्व को और भी आकर्षक बना देती है। पीला रंग न केवल वसंत ऋतु में खिलने वाले सरसों के फूलों और प्रकृति की ताजगी का प्रतीक है, बल्कि इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। यह रंग सकारात्मकता, ऊर्जा, ज्ञान और समृद्धि का संकेत माना जाता है।

बसंत ऋतु का स्वागत और मां सरस्वती की कृपा प्राप्त


वसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनने का मुख्य कारण वसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनने का मुख्य कारण बसंत ऋतु का स्वागत और मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करना है। यह सर्दी से बचाव या केवल फैशन के लिए नहीं किया जाता। पीले कपड़े पहनकर श्रद्धालु देवी सरस्वती को समर्पण और सम्मान प्रकट करते हैं।

पीला रंग सादगी, ज्ञान, बुद्धि और शांति का प्रतीक


पीला रंग मां सरस्वती का प्रिय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां सरस्वती को सफेद और पीला रंग बहुत प्रिय है। उन्हें अक्सर पीले या हल्के रंग के वस्त्र पहनकर दर्शाया जाता है। पीला रंग सादगी, ज्ञान, बुद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है। इसलिए भक्त पीला वस्त्र पहनकर मां सरस्वती को श्रद्धा और समर्पण दिखाते हैं।




पीला रंग मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता और ऊर्जा बढ़ाने में सहायक


पीला रंग सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक रंगों का हमारे मन और शरीर पर गहरा प्रभाव होता है। पीला रंग उत्साह, ऊर्जा, उजास और सकारात्मकता का प्रतीक है। यह दिमाग को सक्रिय करता है और मन को प्रसन्न रखता है। बसंत पंचमी पढ़ाई, संगीत और कला के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस दिन पीला रंग मानसिक स्पष्टता, एकाग्रता और ऊर्जा बढ़ाने में सहायक माना जाता है।


आयुर्वेद और विज्ञान के अनुसार पीले रंग का महत्व

आयुर्वेदिक दृष्टि: पीला रंग शरीर के पित्त दोष को संतुलित करता है और गर्माहट व ऊर्जा प्रदान करता है। सर्दियों के बाद जब मौसम हल्का गर्म होने लगता है, पीला रंग शरीर और मन दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

वैज्ञानिक दृष्टि: पीले रंग की तरंगें मानसिक शांति और शरीर की सक्रियता बनाए रखने में मदद करती हैं। यह ध्यान, अध्ययन और एकाग्रता के लिए लाभकारी माना जाता है। इसी कारण स्कूलों और संस्थानों में बच्चे और शिक्षक वसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनते हैं।


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