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Ayodhya Ram Mandir Live Aarti : अयोध्या से सीधा प्रसारण : रामलला की सबसे सुंदर आरती, देखें आज कैसे सजे हैं प्रभु श्री राम

Ayodhya Ram Mandir Live Aarti : मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में आज सुबह का नजारा अत्यंत अलौकिक रहा। नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में जब भोर की पहली किरण पड़ी, तो रामलला के दिव्य मुखमंडल की आभा देखते ही बन रही थी।

Ayodhya Ram Mandir Live Aarti : अयोध्या से सीधा प्रसारण : रामलला की सबसे सुंदर आरती, देखें आज कैसे सजे हैं प्रभु श्री राम
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Ayodhya Ram Mandir Live Aarti : अयोध्या से सीधा प्रसारण : रामलला की सबसे सुंदर आरती, देखें आज कैसे सजे हैं प्रभु श्री राम

By Uma Verma

Ram Lala Live Darshan 2 Jan 2026 : अयोध्या। 2 जनवरी 2026 : मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की पावन जन्मभूमि अयोध्या में आज सुबह का नजारा अत्यंत अलौकिक रहा। नवनिर्मित भव्य राम मंदिर में जब भोर की पहली किरण पड़ी, तो रामलला के दिव्य मुखमंडल की आभा देखते ही बन रही थी। आज 2 जनवरी 2026 को सुबह की मंगला आरती के साथ मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खोल दिए गए।

Ram Lala Live Darshan 2 Jan 2026 : रामलला की दिव्य मंगला आरती : ऐसे जागते हैं प्रभु अयोध्या राम मंदिर में सुबह की शुरुआत मंगला आरती से होती है, जो अत्यंत शांत और भक्तिमय वातावरण में संपन्न की जाती है। सुबह 4:30 बजे प्रभु को मंत्रोच्चार के साथ जगाया जाता है। इसके बाद रामलला का दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया गया।


आज प्रभु स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया। उनके मस्तक पर हीरे-पन्ना जड़ित तिलक और गले में ताजे गुलाब व कमल के फूलों की माला शोभा बढ़ा रही थी। घी के दीपकों और कपूर की सुगंध के बीच जब पुजारियों ने आरती शुरू की, तो पूरा परिसर जय श्री राम के जयघोष से गूँज उठा।

दिन भर की आरतियों का क्रम: भक्त नोट कर लें समय

राम मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरतियों का समय निर्धारित है। आप इन समयों पर प्रभु की भक्ति का लाभ उठा सकते हैं: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में प्रभु रामलला की सेवा और उपासना का क्रम अत्यंत व्यवस्थित और भक्तिमय है। दिन की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे मंगला आरती के साथ होती है, जिसमें प्रभु को सात्विक भाव और मंत्रोच्चार के साथ बड़े ही लाड़-प्यार से जगाया जाता है। इसके ठीक बाद सुबह 6:30 बजे श्रृंगार आरती संपन्न होती है, जिसमें रामलला का पूर्ण राजकीय श्रृंगार किया जाता है; प्रभु के इस मनमोहक और वैभवशाली रूप के दर्शन के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से अयोध्या पहुँचते हैं।

दोपहर के समय, 12:00 बजे भोग आरती का आयोजन होता है, जहाँ प्रभु को विशेष पकवानों, ताजे फलों और छप्पन भोग अर्पण किया जाता है, जिसके पश्चात कुछ समय के लिए मंदिर के पट विश्राम हेतु बंद कर दिए जाते हैं। ढलती शाम के साथ, शाम 7:30 बजे संध्या आरती की भव्यता देखते ही बनती है, जब ढोल-नगाड़ों और शंख की मंगल ध्वनि के बीच होने वाली यह आरती भक्तों के मन को असीम शांति प्रदान करती है। अंततः, पूरे दिन की सेवा के बाद रात्रि 9:00 बजे शयन आरती की जाती है, जिसमें प्रभु को मधुर भजनों के साथ विश्राम कराया जाता है।

भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था

नए साल के इस सप्ताह में अयोध्या में रिकॉर्ड भीड़ देखी जा रही है। राम जन्मभूमि पथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और वृद्ध व दिव्यांगों के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा सुचारू रूप से चल रही है। मंदिर प्रशासन ने सलाह दी है कि आरती में सम्मिलित होने के लिए भक्त पहले से ऑनलाइन पास बुक कर लें।


रामलला दर्शन के बाद इन 5 जगहों पर जरूर जाएँ : अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक जीवंत आध्यात्मिक अनुभव है। नवनिर्मित राम मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन करना हर भक्त का सपना होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अयोध्या की यात्रा तब तक अधूरी मानी जाती है जब तक आप यहाँ के अन्य प्राचीन शक्तिपीठों और महलों की चौखट पर माथा न टेक लें? आइए जानते हैं अयोध्या के उन खास स्थानों के बारे में जो आपकी यात्रा को पूर्ण बनाएंगे।

1. हनुमान गढ़ी: जहाँ से चलती है अयोध्या की सत्ता अयोध्या के कोतवाल कहे जाने वाले हनुमान जी का यह मंदिर सबसे प्रमुख है। मान्यता है कि भगवान राम ने अयोध्या छोड़ने से पहले हनुमान जी को यह आदेश दिया था कि वे यहाँ रहकर भक्तों की रक्षा करेंगे। यहाँ भगवान हनुमान एक राजा के रूप में विराजमान हैं। 76 सीढ़ियाँ चढ़कर जब आप ऊपर पहुँचते हैं, तो पूरे शहर का जो दृश्य दिखता है, वह थकान मिटा देता है।

2. कनक भवन: प्रेम और उपहार की प्रतीक वास्तुकला कनक भवन को 'सोने का घर' भी कहा जाता है। यह मंदिर अपनी बेजोड़ खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि माता कैकेयी ने इसे सीता जी को मुंह-दिखाई में दिया था। यहाँ की दीवारों पर की गई नक्काशी और संगीत की मधुर गूँज आपको एक अलग ही युग में ले जाती है। यहाँ प्रभु राम और माता सीता की मूरत अत्यंत आकर्षक है।

3. सरयू तट और राम की पैड़ी: मोक्ष की लहरें सरयू नदी अयोध्या की जीवनधारा है। 'राम की पैड़ी' पर बना घाटों का सिलसिला और शाम को होने वाली सरयू आरती काशी की गंगा आरती की याद दिलाती है। यहाँ की ठंडी हवा और पानी की कल-कल ध्वनि मन को असीम सुकून देती है। यहाँ स्नान करना पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है।

4. नागेश्वर नाथ मंदिर: इतिहास और आस्था का संगम भगवान शिव का यह मंदिर अयोध्या के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है। लोक कथाओं के अनुसार, प्रभु राम के पुत्र 'कुश' ने इसे सरयू नदी में अपनी खोई हुई अंगूठी मिलने के बाद बनवाया था। शिवरात्रि के समय यहाँ का वैभव देखते ही बनता है।

5. मणि पर्वत: संजीवनी बूटी का अंश मणि पर्वत का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बहुत गहरा है। माना जाता है कि जब हनुमान जी संजीवनी पर्वत लेकर जा रहे थे, तब उसका एक छोटा हिस्सा यहाँ गिरा था। आज भी यहाँ कई प्राचीन छोटे मंदिर हैं और यहाँ से अयोध्या का विहंगम नजारा देखा जा सकता है।

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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