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Navratri 2025 : भारत में यहाँ क्षेमा माई के नाम से प्रसिद्ध है मां चंद्रघंटा, जानें माँ के इस नाम की महिमा

Maa Chandraghanta : मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र स्थित है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।

Navratri 2025 :  भारत में यहाँ क्षेमा माई के नाम से प्रसिद्ध है मां चंद्रघंटा, जानें माँ के इस नाम की महिमा
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By Meenu Tiwari

Navratri 2025 : शारदीय नवरात्रि का आज तीसरा दिन है. नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। मां का यह स्वरूप शांति, सौभाग्य और कल्याण का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब असुरों का अत्याचार बढ़ा तो मां भगवती ने चंद्रघंटा का रूप धारण कर उनका संहार किया।

मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र स्थित है, जिसके कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। उनका शरीर स्वर्ण के समान तेजस्वी बताया गया है। उनकी दस भुजाओं में विविध अस्त्र-शस्त्र हैं और उनका वाहन सिंह है। मां का यह स्वरूप शक्ति, साहस और पराक्रम का प्रतीक है। पूरे भारत में माँ चंद्रघंटा का मंदिर उत्तर प्रदेश में स्थित है.




  • उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर के चौक क्षेत्र में स्थित मां चंद्रघंटा का प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर भक्तों के बीच विशेष आस्था का केंद्र है। इस मंदिर को मां क्षेमा माई का मंदिर भी कहा जाता है। पुराणों और जनश्रुतियों में इस मंदिर का उल्लेख मिलता है। सबसे खास बात यह है कि यहां मां दुर्गा के सभी नौ स्वरूपों के दर्शन एक ही स्थान पर होते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
  • वाराणसी में स्थित चंद्रघंटा देवी मंदिर भी भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है। इस मंदिर की विशेष परंपरा यह है कि यहां मां को दूध से बनी विशेष मिठाई का भोग लगाया जाता है। यह प्रसाद मंदिर परिसर में प्रतिदिन प्रातः तैयार किया जाता है और भक्तों को वितरित किया जाता है।
  • दिल्ली के करोल बाग क्षेत्र में स्थित झंडेवालान मंदिर भी मां चंद्रघंटा की आराधना का प्रमुख केंद्र है। यहां देवी झंडेवाली की भव्य मूर्ति के साथ-साथ मां चंद्रघंटा की प्रतिमा भी स्थापित है।

माता चंद्रघंटा का स्वरूप

देवी का तीसरा स्वरूप मां चंद्रघंटा हैं। इनके मस्तक पर एक घंटे के आकार का चंद्रमा है। इसी के चलते माता का नाम चंद्रघंटा पड़ा। इस नाम में एक अद्वितीय तेज और ममता समाहित है। मां चंद्रघंटा का रूप बेहद भव्य और अलौकिक है, जो शांतिपूर्ण है। साथ ही उनकी शक्ति भी अद्वितीय है। मां चंद्रघंटा हर क्षेत्र में सफलता और समृद्धि प्रदान कराने वाली हैं। इनकी पूजा करने से जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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