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वायरल ऑडियो को फेडरेशन अध्यक्ष ने बताया बदनाम करने की साजिश, कहा- फेडरेशन की एकता से उड़ गयी है स्वयंभू संघों की नींद, इसलिए हमें कर रहे हैं बदनाम…..हर सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का निदान ही पहली प्राथमिकता

वायरल ऑडियो को फेडरेशन अध्यक्ष ने बताया बदनाम करने की साजिश, कहा- फेडरेशन की एकता से उड़ गयी है स्वयंभू संघों की नींद, इसलिए हमें कर रहे हैं बदनाम…..हर सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति का निदान ही पहली प्राथमिकता
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By NPG News

रायपुर 17 मार्च 2021। फेडरेशन अध्यक्ष मनीष मिश्रा के वायरल वीडियो से शिक्षक संगठनों में भूचाल आ गया है। 12 मार्च को राजधानी में सहायक शिक्षक फेडरेशन की जिस रैली को ऐतिहासिक बताया जा रहा था, अब उसी पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया में अब उस वायरल ओडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी आ रही है। हालांकि शिक्षक फेडरेशन ने इसे एक सुनियोजित साजिश बताया है। प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने अन्य शिक्षक संगठनों पर सांठगांठ कर फेडरेशन को बदनाम करने का आरोप लगाया है।

वायरल ऑडियो से शिक्षक राजनीति में आया उबाल…. वेतन विसंगति के मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करने वाले संगठन के प्रदेश अध्यक्ष के ऑडियो से खड़ा हुआ सवाल…. क्या हो रहा है मैच फिक्स, आखिर वेतन विसंगति का मुद्दा क्रमोन्नति और 1998 पर जाकर कैसे हो रहा खत्म !….

मनीष मिश्रा ने कहा कि हम लगातार हम अपनी मांगों पर सरकार का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब हुए जिसके चलते अन्य संघ भयभीत हो गए है। उन्होंने कहा कि मैंने वेतन विसंगति के निदान के संबंध में अपने साथी से बात की थी, उस ऑडियो में कुछ भी गलत बातें नहीं कही गयी थी। फेडरेशन में सभी वर्ष के साथी अग्रिम पंक्ति में जुड़े है जो डेलिगेशन का हिस्सा रहे है वर्ष 2009. 2011, 2000. 2005 से सभी जवाबदार पदाधिकारी हमारे साथ हर चर्चा में रहते है।मेरे द्वारा मांग पर कभी व्यक्तिगत चर्चा नहीं किया गया।

फेडरेशन कि मूल मांग वेतन विसंगति का निराकरण करना ही रही है हमने सभी साथी को अधिकार दिलाने की जवाबदारी उठाई है और हम पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहे है । उन्होंने अपील की है कि ऐसे स्वयंभू नेताओं के गलत इरादों से बचना है, जो कि हमारी एकता को कमजोर करना चाहते हैं। फेडरेशन ही एक मात्र संघ है जो अंतिम पंक्ति के सहायक शिक्षको को न्याय दिलाने का प्रयास कर रहा है।

मनीष मिश्रा ने कहा कि हमारे ऊपर चंदाखोरी का बेबुनियाद आरोप लगाया गया है, जबकि चंदा के लिए फेडरेशन ने आम साथियो से एक रुपए का सहयोग नही मांगा है । उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या फेडरेशन कभी संघर्ष शुल्क के नाम से दुकानदारी चलाने का प्रयास किया ?
जो लोग आज तक सिर्फ और सिर्फ वर्ग 3 के कंधे पैर रख कर आगे बढ़े वो फेडरेशन से सवाल कर रहे है। हमे ऐसे षडयंत्र करने वाले लोगो के मंसूबो को समझना होगा।

मनीष मिश्रा ने कहा कि हमारी जब भी वार्ता होगी डेलिगेशन टीम में सभी वर्ष के साथियो को हम अपने साथ लेकर चर्चा करेंगे। हमारी टीम में 1998 , 2000, 2005 ,2009, 2011 में नियुक्त पदाधिकारीगणों को हमने सदैव साथ रखा और आगे भी वे साथ रहेंगे । हम सभी शिक्षक है कौन किसके लिए क्या कर रहा है ये भली भाती जानते है। हमने वेतन विसंगति की मांग उठाई है और अंतिम समय तक हमारी मांग वही रहेगी। सरकार से हमारी एक मांग ही है सहायक शिक्षको की वेतन विसंगति का निदान हमारी पहली प्रथमिकता।

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