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क्या आपने कभी सोचा है ट्रेन में पानी कहां से आता है? जानिए पानी स्टोरेज से लेकर रिफिल तक की पूरी प्रक्रिया

Train ke coach mein Pani kahan store hota Hain: आपको ट्रेन से संबंधित यह फैक्ट नहीं पता होंगे। ट्रेन से सफर करते वक्त हमारे सामने कई ऐसी चीजे होती हैं जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें से ही एक है ट्रेन में पानी का स्टोरेज! क्या आपको पता है ट्रेन के डिब्बों में पानी कहां स्टोर होता है और कभी पानी खत्म हो जाए तो क्या करें? आज हम कुछ इन्हीं सवालों के जवाब जानने वाले हैं।

क्या आपने कभी सोचा है ट्रेन में पानी कहां से आता है? जानिए पानी स्टोरेज से लेकर रिफिल तक की पूरी प्रक्रिया
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chirag Sahu

Train ke coach mein Pani kahan store hota Hain: भारत में रहने वाले अधिकांश लोगों का प्रमुख यातायात साधन ट्रेन ही है। सुरक्षित और लंबी यात्राओं के लिए लोग ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं। ट्रेन से की गई यात्रा कई बार लोगों को कम पैसों में भी अधिक दूरी तक ले जाती है। अगर आप भी ट्रेन से बहुत अधिक सफर करते हैं फिर भी आपको ट्रेन से संबंधित यह फैक्ट नहीं पता होंगे। ट्रेन से सफर करते वक्त हमारे सामने कई ऐसी चीजे होती हैं जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें से ही एक है ट्रेन में पानी का स्टोरेज! क्या आपको पता है ट्रेन के डिब्बों में पानी कहां स्टोर होता है और कभी पानी खत्म हो जाए तो क्या करें? आज हम कुछ इन्हीं सवालों के जवाब जानने वाले हैं।

ट्रेन में पानी को कहां स्टोर करते है?

जब भी आप ट्रेन में सफर करते हैं तो वहां के बाथरूम और वॉश बेसिन का उपयोग तो किया ही होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इतने सारे लोगों के लिए ट्रेन में पानी आता कहां से है और इसे स्टोर कैसे किया जाता है तो इसका जवाब बहुत ही सरल है। हर ट्रेन कोच के नीचे पानी के बड़े स्टील टैंक लगे होते हैं जिसमें सारा पानी इकट्ठा करके रखा जाता है, इसे अंडरकैरेज वॉटर टैंक (Undercarriage Water Tank) भी कहते हैं। यह टैंक इतना बड़ा होता है कि इसमें लगभग 450 से 500 लीटर पानी आराम से आ जाती है। यही वजह है कि हर डिब्बों में यात्रियों को पानी की कमी नहीं होती।

यदि कोच में पानी खत्म हो जाए तो क्या?

लंबे सफर के दौरान टैंक में भरा हुआ सारा पानी खत्म हो जाए तो ऐसी स्थिति में क्या किया जाता है? जब भी कोच में पानी पूरी तरह से खत्म हो जाता है तो उसके टैंको को क्विक वाटरिंग सिस्टम द्वारा भरा जाता है। आपने यह गौर किया होगा कि जब भी ट्रेन किसी बड़े स्टेशन पर रूकती है तो पटरियों के बीच में पानी के पाइप का एक कनेक्शन लगा होता है इसी की सहायता से हर डिब्बे के खत्म हुए पानी को रिफिल कर दिया जाता है।

कई लोगों को यह भ्रम होता है कि पानी की टंकी ट्रेन के रूफटॉप पर लगी होती है ताकि ऊपर से पानी नीचे नलो तक आ सके लेकिन ऐसा नहीं है। कोच के नीचे लगे हुए स्टील पानी की टंकियों से एक छोटा मोटर पंप जुड़ा होता है इसी की सहायता से नीचे का पानी ऊपर नलों तक पहुंचता है। ट्रेन के कोच के नीचे यदि आप ध्यान से देखेंगे तो आपको स्टील के बड़े-बड़े टैंक दिख जाएंगे और इनमें कई बार ओवर फ्लो के वजह से पानी नीचे भी गिरने लगता है। रेल यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए पानी की ऐसी सुविधा काफी बेहतरीन है।

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