Sujok Ring therapy kya hoti hai: ₹10 की इस रिंग थेरेपी से होगा बड़ी-बड़ी बीमारियों का इलाज! जानिए सुजोक रिंग थेरेपी के बारे में।
Sujok Ring therapy kya hoti hai: सुजोक रिंग, अंगूठी की तरह दिखने वाला यह छोटा सा रिंग आपके हाथ व पैर की उंगलियो में एक्यूप्रेशर मसाज करता है। चिकित्सा की यह प्राचीन पद्धति आज भी लोगों को कई समस्याओं से छुटकारा दिला रही है।

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Sujok Ring therapy kya hoti hai: वर्तमान समय में अधिकतर लोग अपने जीवन में मानसिक तनाव और शारीरिक थकान से जूझ रहे हैं। इन चीजों के लिए वे महंगे इलाज भी करवाते हैं जिसका कोई खास फायदा नहीं होता। आज हम आपको एक ऐसी चीज बताएंगे जो सिर्फ ₹10 की है और ये चीज आपको महंगे दवाइयो से भी ज्यादा फायदा पहुंचाने वाली है। हम जिस चीज की बात कर रहे हैं वह है सुजोक रिंग। अंगूठी की तरह दिखने वाला यह छोटा सा रिंग आपके हाथ व पैर की उंगलियो में एक्यूप्रेशर मसाज करता है। चिकित्सा की यह प्राचीन पद्धति आज भी लोगों को कई समस्याओं से छुटकारा दिला रही है।
सुजोक रिंग थेरेपी क्या होती है?What is Sujok Ring Therapy?
’सुजोक’ दक्षिण कोरिया का शब्द है जिसमें सु का मतलब होता है हाथ और जोक का मतलब होता है पैर। इसका अर्थ है कि हाथों और पैरों के उंगलियों की मसाज थेरेपी। हमारे हाथ और पैरों की उंगलियों में पूरे शरीर में सभी अंगों के ऐसे प्रेशर पॉइंट होते हैं जिसे दबाने पर कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं। दक्षिण कोरिया में इस थेरेपी की शुरुआत प्रोफेसर पार्क जे वू द्वारा की गई थी। इनके द्वारा कई और भी थेरेपी का आविष्कार किया गया है जिसमें यह रिंग थेरेपी सबसे प्रमुख है।
इस थेरेपी में एक गोल आकार की बनी हुई रिंग को उंगलियों में ऊपर से नीचे तक दबाव डालते हुए बार-बार घुमाया जाता है लगभग 5 मिनट तक। इसकी संरचना को जब हम ध्यान से देखते हैं तो पता चलता है कि इसके सतह पर कई छोटे-छोटे उभार बने होते हैं जो उंगलियों के प्रेशर पॉइंट्स को दबाते हैं। सिर्फ ₹10 में मिलने वाला यह रिंग स्टील, प्लास्टिक और अन्य धातुओं को मिलाकर बनाया जाता है। इस थेरेपी को हर उम्र के महिला, बच्चे और बूढ़ों पर आजमाया जा सकता है। हमारे शरीर में बहने वाली ऊर्जा मेरिडियन में जब भी कोई बाधा आती है तो हमें कई बीमारियों द्वारा घेर लिया जाता है लेकिन सुजोक रिंग के इस्तेमाल से उंगलियो के प्रेशर पॉइंट दबते हैं तो शरीर में ऊर्जा का प्रवाह फिर से निरंतर हो जाता है।
उंगलियों का शरीर के सभी अंगों से कनेक्शन
- अंगूठा– जब भी अंगूठे के प्रेशर पॉइंट दबते हैं तो इससे हमारे सिर और गर्दन को लाभ मिलता है।
- तर्जनी और मध्यम– अंगूठे के बाद की ये दोनों उंगलियां हमारे घुटने और पूरे पैर से जुड़ी होती है।
- रिंग और लिटिल फिंगर– बाहर की ये दोनों उंगलियां हमारे दोनों हाथों से जुड़ी हुई हैं।
- हाथ के आगे का हिस्सा– इस हिस्से में जब प्रेशर पड़ता है तो वह हमारे छाती और पेट के लिए लाभदायक है।
इस तरह से यह थैरेपी हाथों के प्रेशर पॉइंट्स को दबाकर लोगों में बनी मानसिक तनाव और चिंता को कम करने का कार्य करता है। साथ ही ऐसे व्यक्ति जिन्हें लगातार कमर और घुटनों में दर्द की समस्या और उंगलियों में झुनझुनाहट होती है उनके लिए यह एक चमत्कार है। एक बात ध्यान रखें कि इस थेरेपी को खाली पेट न करें अन्यथा चक्कर आने और कमजोरी की समस्या हो सकती है।
