Kaisi Mahiyanen chahate hain purush : आपके रूप के दीवाने हैं पुरुष... अगर ऐसा सोचती हैं तो बिलकुल गलत है आप
Relationship tips : शादी के बाद जब रिश्ता आगे बढ़ता है तो पुरुष अपनी पत्नी में उन गुणों को तलाशने लगते हैं जो घर, मन और जीवन तीनों को संभाल सकें.

Kaisi Mahiyanen chahate hain purush : पुरुषों को महिलाओं की सिर्फ सुंदरता ही प्रभावित करती है, यह कहना पूरी तरह गलत है. अगर आप भी ऐसे भ्रम में हैं तो आप पुरुषों के टेस्ट में फेल हो सकती हैं. लोगों का मानना है कि एक मर्द शादी और रिश्ते के लिए सिर्फ खूबसूरत पत्नी चाहता है। लेकिन सच यह है कि खूबसूरती पहली नजर तक साथ देती है, जिंदगी भर नहीं। ये बात पुरुष भी समझते हैं।
शादी के बाद जब रिश्ता आगे बढ़ता है तो पुरुष अपनी पत्नी में उन गुणों को तलाशने लगते हैं जो घर, मन और जीवन तीनों को संभाल सकें। यहां महिलाओं के उन्हीं गुणों के बारे में बताया जा रहा है, जो पुरुषों को अपनी पत्नी में चाहिए होते हैं, लेकिन वह कहते नहीं।
उन्हें ऐसा साथी चाहिए जो बिना जज किए सुन सके
पत्नी में ये खूबियां चाहते हैं पुरुष भावनात्मक समझ और सुनने की क्षमता पुरुष भले ही भावनाएं खुलकर न जताएं, लेकिन उन्हें ऐसा साथी चाहिए जो बिना जज किए सुन सके। वह चाहते हैं कि उनकी पत्नी बिना कहे, उनकी भावनाओं को समझें और समर्थन दे। एक अच्छी श्रोता पत्नी हर पति चाहता है। एक समझदार पत्नी पुरुष को सुरक्षित महसूस कराती है और यही रिश्ता गहरा करता है।
नियंत्रण पुरुष को महिला से दूर भागता है
सम्मान, न कि नियंत्रण पुरुष उस महिला से दूर भागता है जो उसे कंट्रोल करना चाहती है, लेकिन उस महिला के लिए सब कुछ करता है जो उसका सम्मान करती है। सम्मान पुरुष के आत्मसम्मान की रीढ़ होता है। सम्मान का मतलब है, उसके फैसलों को नीचा न दिखाएं, दूसरों के सामने अपमान न करे और उसकी कोशिशों को पहचान दे।
शक, तुलना और रोक-टोक रिश्ते को अंदर से खोखला करती है
भरोसा और मानसिक शांति लगातार शक, तुलना और रोक-टोक किसी भी रिश्ते को अंदर से खोखला कर देती है। पति चाहते हैं कि उनकी पत्नी ऐसी हो जो रिश्ते में भरोसे का माहौल बनाए रखे। जिसके सामने बिना डर के बात कहने की आज़ादी हो और जो घर में सुकून बनाए रखें। क्योंकि जहां शांति होती है, वहीं पुरुष टिकता है।
असल साथी वही है जो असफलता में ताना न दे
मुश्किल वक्त में साथ खड़ा होना अच्छे दिन सबके होते हैं, लेकिन पुरुष अपनी पत्नी को तब पहचानता है जब हालात खिलाफ हों। असल साथी वही है जो असफलता में ताना न दे और कमज़ोरी को हथियार न बनाए, बल्कि चुपचाप कंधा दे। यह गुण सुंदर चेहरे से कहीं बड़ा होता है। आत्मसम्मान और अपनी पहचान पुरुष ऐसी पत्नी चाहता है जो सिर्फ उसकी पत्नी बनकर न रहे, बल्कि अपनी सोच, राय और पहचान भी रखे।
