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Raat mein achi neend kyon nahin aati: रात में नींद क्यों टूट जाती है? बेडरूम से जुड़ी ये गलतियाँ हो सकती हैं वजह!

Raat mein achi neend kyon nahin aati: । आज हम आपको बताएंगे कि नींद बीच रात में ही क्यों टूट जाती है और बेडरूम में ऐसा क्या करें कि नींद अच्छी व गहरी हो।

Raat mein achi neend kyon nahin aati: रात में नींद क्यों टूट जाती है? बेडरूम से जुड़ी ये गलतियाँ हो सकती हैं वजह!
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chirag Sahu

Raat mein achi neend kyon nahin aati: भारतीय चिकित्सा शास्त्रों में नींद को एक योग की तरह देखा गया है। नींद सिर्फ सो कर उठाना ही नहीं होता बल्कि हर दिन यह एक नया जीवन होता है। वर्तमान समय में लोगों की जिंदगी काफी भागदौड़ भरी और तनावो से ग्रस्त हो गई है, जिससे लोगों को रातों में अच्छी नींद नहीं आती या फिर नींद आती भी है तो वह आधी रात में ही टूट जाती है। जिस प्रकार से मोबाइल को चार्ज करने के लिए चार्जर की आवश्यकता पड़ती है ठीक उसी प्रकार दिनभर की थकान और तनावों को दूर करने के लिए मनुष्य को एक अच्छी नींद लेना जरूरी है। अच्छी नींद न आने के कारण तो कई है लेकिन एक प्रमुख कारण बैडरूम भी हो सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि नींद बीच रात में ही क्यों टूट जाती है और बेडरूम में ऐसा क्या करें कि नींद अच्छी व गहरी हो।

बेडरूम में प्रकाश की व्यवस्था

प्रकाश का हमारे शरीर और नींद पर काफी प्रभाव पड़ता है। जब भी हमारे बेडरूम में सोते वक्त कोई लाइट जलती रहती है तो हमारा शरीर मेलाटोनिन नामक हार्मोन का स्त्राव कम कर देता है जिस वजह से हमें नींद नहीं आती। यह हार्मोन शरीर में अच्छी नींद लाने के लिए जिम्मेदार होता है और यह तभी बनता है जब हमारा शरीर अंधेरा महसूस करता है। इसलिए जितना हो सके बेडरूम में अंधेरा रखने की कोशिश करें साथ ही बाहर कि वे लाइट्स जो आपके रूम के अंदर आ रही हो उन्हें भी बंद कर दें। यदि आपको बहुत अधिक अंधेरे से समस्या हो तो कोई डिम लाइट जला सकते हैं।

सोते वक्त स्क्रीन की ब्लू लाइट से बचें

फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज आज मनुष्य के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गई है और इनकी स्क्रीन से निकलने वाले नीले लाइट्स हमारी नींद को प्रभावित करते हैं। अधिकतर लोगों की आदत होती है कि वह सोने से पहले फोन जरूर चलते हैं और फोन से निकलने वाली नीली रोशनी हमारे शरीर के बायोलॉजिकल क्लॉक को डिसबैलेंस कर देती है जिससे हमारे दिमाग को यह नहीं पता चल पाता की अब रात हो चुकी है और सोने का समय हो गया है। आधे से अधिक लोगों को नींद सिर्फ इसलिए ही नहीं आ रही है क्योंकि वे सोने से पहले फोन जरूर चलाते हैं।

बेडरूम का तापमान संतुलित रखें

कमरे में एक संतुलित तापमान बनाए रखना हमारे नींद के लिए बहुत जरूरी होता है। यदि तापमान अधिक बढ़ा हुआ रहेगा तो आपको पसीना और बेचैनी हो सकती है जिससे आपकी नींद खुलनी तय है और इसके विपरीत यदि कमरे का तापमान बहुत कम हो गया है तो पर भी आपकी नींद खराब हो सकती है। एक अच्छी नींद के लिए कमरे का तापमान हल्का ठंडा होना चाहिए।

नींद पर दीवारों के रंग का प्रभाव

लोगों को यह पता ही नहीं होता की दीवारों का रंग भी उनकी नींद को प्रभावित कर सकता है और कई बार लोग रूम को अच्छा बनाने के चक्कर में तीखे रंग जैसे लाल और पीले रंगों का इस्तेमाल कर लेते हैं जिससे नींद आने में समस्या हो जाती है। यह रंग हमारे दिमाग को उत्तेजित और अटेंशन मोड में ला देते हैं, जिससे हमारा दिमाग शांत होने के बजाय और भी अलर्ट हो जाता है। रंगों के साथ-साथ दीवारों पर टंगी तस्वीर भी हमारी नींद के लिए समस्या है। दीवारों पर कभी भी उत्तेजक या डरावनी तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए।

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