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2000 साल पहले ही बन चुकी थी आज की मॉडर्न टेक्नोलॉजी; जानिए पुराने जमाने के अद्भुत आविष्कार!

Purane jamane ke adbhut avishkar: रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग होने वाले वस्तुएं जैसे घड़ी, दरवाजे, कंप्यूटर और भी कई सारी चीजे जिन्हें हम टेक्नोलॉजी से जोड़कर काफी उन्नत बना चुके हैं। आज हम जिन दैनिक चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं यह 2000 साल पहले से ही आविष्कार की जा चुकी है।

2000 साल पहले ही बन चुकी थी आज की मॉडर्न टेक्नोलॉजी; जानिए पुराने जमाने के अद्भुत आविष्कार!
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chirag Sahu

Purane jamane ke adbhut avishkar: रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग होने वाले वस्तुएं जैसे घड़ी, दरवाजे, कंप्यूटर और भी कई सारी चीजे जिन्हें हम टेक्नोलॉजी से जोड़कर काफी उन्नत बना चुके हैं। आज हम जिन दैनिक चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं यह 2000 साल पहले से ही आविष्कार की जा चुकी है। इन चीजों में उपयोग होने वाले साइंस और तकनीक का उपयोग सालों पहले के लोगों ने सफल कर दिया था। आज भी हम इन्हीं तकनीक के उपयोग से अपने डेली लाइफ को सरल बना रहे हैं। आईए जानते हैं कुछ ऐसे आविष्कारों के बारे में जो आज से हजारों साल पहले खोजे जा चुके थे।

1. ऑटोमैटिक दरवाजे/automatic doors

प्राचीन यूनान के एक प्रसिद्ध इंजीनियर और आविष्कारक हीरो ऑफ अलेक्जेंड्रिया ने कई चीजों का आविष्कार किया जिनमें सबसे प्रमुख था मंदिर के ऑटोमेटिक खुलने वाले दरवाजे (Automatic Temple Doors)। ये दरवाजे भाप और पुली की सहायता से खुलते और बंद होते थे। ऑटोमेटिक दरवाजे का आविष्कार लगभग 100 ईस्वी में हुआ था।

2. अलार्म क्लॉक/alarm clock

आज हम जिस अलार्म क्लॉक की सहायता से सुबह उठते हैं इसका आविष्कार प्राचीन यूनानी दार्शनिक प्लेटो ने लगभग 250 ईसा पूर्व में किया। यह एक वाटर क्लॉक था इसमें पानी और हवा के दबाव से सिटी जैसी पतली आवाज निकलती थी। इसे दुनिया का पहला अलार्म सिस्टम कहा जा सकता है।

3. बैटरी/Battery

मिट्टी, तांबे और लोहे की छड़ से बनी बगदाद बैटरी (Baghdad Battery) को विश्व का सबसे पहला आधुनिक बैटरी माना जाता है। इसके अवशेष इराक क्षेत्र में पाए गए थे और शोध में पाया गया कि यह लगभग 250 BC के समय की है। अगर आधुनिक बैटरी की बात करें तो इसकी खोज Alessandro Volta ने 1800 में की थी।

4. सबसे प्राचीन कंप्यूटर

एंटीकाइथेरा मैकेनिज्म पर आधारित लगभग 100 ईसा पूर्व आविष्कारक हुआ यह कंप्यूटर खगोलीय गणनाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इस कंप्यूटर की संरचना बहुत ही जटिल होती थी। इसमें 30 से अधिक कांस्य गियर लगे होते थे और एक साथ घूमकर खगोलीय घटनाओं की जानकारी देते थे।

5. प्लास्टिक सर्जरी/Plastic surgery

प्लास्टिक सर्जरी की शुरुआत भारत से ही मानी जाती है। लगभग 2600 साल पहले महान चिकित्सक सुश्रुत ने कटी हुई नाक की सर्जरी (राइनोप्लास्टी) करने का एक बहरीन तरीका खोजा, जिसमें माथे की चमड़ी का उपयोग किया जाता था। नाक के पुनर्निर्माण की यह तकनीक सबसे अद्भुत थी, जो आज भी चली आ रही है।

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