Nariyal ke chilke ke fayde: सावधान! अब से इसे फेंकने की गलती कभी न करें। नारियल की जटा से मिल सकते हैं ये चौंकाने वाले फायदे
Nariyal ke chilke ke fayde: नारियल के इन जटाओं में भी अनेकों औषधीय गुण (Coconut Husk Benefits) होते हैं। कई ग्रामीण इलाकों में आज भी इलाज के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

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Nariyal ke chhilkon ke fayde: नारियल का इस्तेमाल आपने मंदिरों में पूजा के लिए या फिर उसका पानी निकालकर पीने के लिए किया होगा। लेकिन जितना स्वादिष्ट इसका पानी और सफेद गुदा होता है उतना ही फायदेमंद इसके बाहर का हिस्सा भी है। अधिकतर लोग नारियल को इसलिए छीलते हैं ताकि उसके अंदर के हिस्से का इस्तेमाल किया जा सके और बाहर के छिलकों को कूड़ा समझकर फेंक देते हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि नारियल के इन जटाओं में भी अनेकों औषधीय गुण (Coconut Husk Benefits) होते हैं। कई ग्रामीण इलाकों में आज भी इलाज के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
पाचन की समस्या से मिलेगा निदान
नारियल की जटाओं अर्थात बाहरी छिलके में इतनी शक्ति होती है कि इसके सेवन से पाचन की समस्या दूर हो सकती है। इसमें विटामिन C विटामिन K और पोटैशियम जैसे तत्व मौजूद होते हैं। साथ ही इसमें मौजूद फाइबर की वजह से यह पेट की समस्या के लिए और भी उपयुक्त उपचार बन जाता है। नारियल की जटाओं को पीसकर पानी या फिर दही के साथ सेवन किया जा सकता है।
पाइल्स (Piles) के मरीजों के लिए भी है फायदेमंद
पाइल्स जैसे गंभीर बीमारियों से परेशान लोगों के लिए भी नारियल के छिलकों का सेवन बहुत ही फायदेमंद है। इसके सेवन के लिए आपको मिट्टी का बर्तन लेना है और उसमें नारियल के छिलकों को डालकर अच्छी तरह से जलाकर राख बना ले। फिर इस राख में घी डालकर छोटी-छोटी गोलियों की तरह आकार दें। दही के साथ खाली पेट सुबह इन गोलियों के सेवन से पाइल्स की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
दांतों के दर्द की है बेहतरीन दवा
आजकल वयस्क लोगों के साथ-साथ छोटे बच्चों में भी दांत में दर्द या कमजोरी की समस्या बन जाती है। इस दर्द से राहत के लिए नारियल की जटा एक अच्छा साधन हो सकती है। आपको करना यह है कि छिलकों से पाउडर या राख बनाकर दांतों में दर्द वाले हिस्से पर लगाना है। साथ ही इसे दांतों पर रगड़ने से पीलेपन की समस्या भी दूर होती है।
स्वास्थ्य से हटके बागवानी में भी कर सकते है इस्तेमाल
जैसा कि हमने पहले बताया नारियल के छिलकों में कई पोषक तत्वों की मात्रा पाई जाती है, इसलिए इसे स्वास्थ्य के साथ-साथ बागवानी में भी उपयोग किया जा सकता है। नारियल की जटाओं से तैयार कोकोपीट/खाद पौधों के विकास के लिए अत्यंत लाभदायक है। कोकोपीट तैयार करने के लिए नारियल के छिलके को अच्छी तरह से पाउडर बना ले और गमले में इस पाउडर को मिट्टी के साथ मिलकर ही पौधों को लगाए।
अस्वीकरण/Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के लिए लिखी गई है। इसे किसी प्रकार के चिकित्सकीय उपचार का विकल्प न समझा जाए। NPG.NEWS इस लेख के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता। ध्यानवाद!
