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Nahane ka sabse best tarika: 99% लोग नहाने में करते हैं ये गलती! आयुर्वेद बताता है सही तरीका, जानिए तीन खास आयुर्वेदिक स्नान विधि के बारे में

Nahane ka sabse best tarika: इस लेख में हम नहाने के कुछ विशेष तरीके के बारे में जानेंगे जिसे प्राचीन आयुर्वेदिक विज्ञान द्वारा बताया गया है।

Nahane ka sabse best tarika: 99% लोग नहाने में करते हैं ये गलती! आयुर्वेद बताता है सही तरीका, जानिए तीन खास आयुर्वेदिक स्नान विधि के बारे में
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By Chirag Sahu

Nahane ka sabse best tarika: मनुष्य द्वारा सुबह उठते ही कई दैनिक कार्य किए जाते हैं जिनमें नहाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। हमने वर्तमान की भागदौड़ भरी जिंदगी में नहाने को एक सामान्य प्रक्रिया मान लिया है और इसे झटपट निपटाकर हम किसी अन्य कार्य में लग जाते हैं। लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि नहाना हमारे सिर्फ बाहरी शरीर को ही साफ नहीं करता बल्कि यह हमारे दिन भर की टेंशन और थकान को भी दूर करता है। हमारे भारत के ही प्राचीन चिकित्सा पद्धति और आयुर्वेद शास्त्रों में पूर्वजों द्वारा नहाने की कई विशेष विधियां बताई गई है और नहाने को एक संस्कार की तरह माना गया है जो हमारे मन और तन दोनों को स्वच्छ करता है। इस लेख में हम नहाने के कुछ विशेष तरीके के बारे में जानेंगे जिसे प्राचीन आयुर्वेदिक विज्ञान द्वारा बताया गया है।

प्रतिदिन नहाने से शरीर में क्या होता है?

लोगों को अक्सर यह भ्रम होता है कि नहाना केवल उनकी बाहरी स्वच्छता तक ही सीमित है लेकिन ऐसा नहीं है। प्रतिदिन का स्नान हमारी पाचन शक्ति और शरीर के अग्नि तत्व से जुड़ा हुआ है। यह शरीर की पाचन अग्नि को संतुलित करता है जिससे कि शरीर अपनी पूरी ताकत से भोजन को ऊर्जा में बदल पाती है। जब भी हमारे पूरे शरीर में पानी पड़ता है तो पाचन क्रिया और बेहतर होती है।

वैज्ञानिक दृष्टि से इसके महत्व को देखें तो यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही कई वैज्ञानिक शोध यह बताते हैं कि प्रतिदिन नहाने से शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर कम होता है जो शरीर को तनाव से मुक्ति प्रदान करती है और फील गुड हार्मोन एंडोर्फिन का स्तर बढ़ता है यह हमें खुशी और प्रसन्नता का अनुभव करती है। इसी कारण से आपने गौर किया होगा कि जब आप नहाते हैं तो आपको काफी ताज और अच्छा महसूस होता है। जिन लोगों को नींद न आने की परेशानी होती है, उन्हें सोने से पहले गुनगुने पानी में नहाना काफी फायदेमंद होता है।

आयुर्वेद विज्ञान में बताए गए नहाने की विधियां

प्राचीन आयुर्वेद शास्त्र में नहाना एक विशेष प्रक्रिया होती थी जिसको लेकर भी कई प्रकार के नियम बताए गए हैं। आप भी इन नियमों का पालन करके साधारण सी प्रक्रिया को एक विशेष उपचार में बदल सकते हैं।

पहला नियम है– अभ्यंग यानी तेल मालिश।

इस पहले नियम को नहाने के पहले स्टेप के रूप में जान सकते हैं। इस नियम में आपको नहाने के लगभग 10 से 15 मिनट पहले पूरे शरीर में तेल से मालिश करना है। इससे होगा यह कि आपके मांसपेशियों में रक्त संचार बढ़ेगा और उन्हें आराम भी मिलेगा। तिल, नारियल या सरसों के तेल का उपयोग आप इसके लिए कर सकते हैं। इस मालिश के बाद नहाने से आपको दिन भर की थकान से मुक्ति मिल जाएगी।

दूसरा नियम है– उबटन का प्रयोग।

पहले नियम को करने के बाद इस दूसरे नियम में आपको अपनी पारंपरिक साबुन की जगह उबटन का प्रयोग करना है। उबटन बनाने के लिए बेसन, मुल्तानी मिट्टी और हल्दी जैसे प्राकृतिक चीजों का उपयोग करें। यह आपके साबुन से कई गुना फायदेमंद है जो आपकी त्वचा के डेड स्किन सेल्स को हटाता है और नई कोशिकाओं का निर्माण करता है।

तीसरा नियम है– मंत्रोच्चार।

तीसरा और अंतिम नियम सबसे खास है इसे मंत्रोच्चार कहा गया है। इस नियम के पालन के लिए आपको नहाते समय मंत्रों का उच्चारण करना है। इसके पीछे भी एक विज्ञान है क्योंकि मंत्र हमारे मन और दिमाग दोनों को सक्रिय करता है और एक पॉजिटिव ऊर्जा का संचार करता है। अगर आपको मंत्र नहीं भी आते हैं तो पर भी आप अपने अंदर एक आध्यात्मिकता बनाते हुए स्नान करें।

नहाते वक्त शरीर में पानी डालने का सही क्रम

आयुर्वेद में यह भी बताया गया है कि नहाते वक्त पानी शरीर के किस अंग में पहले डालना चाहिए। अक्सर लोग यह गलती करते हैं कि वे पानी अपने सिर से पैर की ओर डालते हैं लेकिन यह तरीका गलत है। मनुष्य का सिर काफी संवेदनशील और नाजुक हिस्सा होता है ऐसे में अचानक ठंडा या गर्म पानी सिर के ऊपर डाल देने पर हमारी नर्वस सिस्टम पर इसका काफी बुरा प्रभाव पड़ता है।

नहाते वक्त शरीर में पानी डालने का सबसे सही तरीका होता है पैरों से सिर की ओर आगे बढ़े। सबसे पहले आपको पैरों में पानी डालना है जिससे आपका शरीर पानी के तापमान के अनुकूल होने लगे। फिर कमर और कंधों पर पानी डालें साथ ही यह ध्यान रखें कि सीधे छाती पर ठंडा पानी न डालें, इससे हृदय प्रभावित हो सकता है। फिर जब पूरा शरीर पानी के अनुकूल हो जाए तो आखिरी में सिर के ऊपर पानी डालें। यह प्रक्रिया नहाने का सबसे बेस्ट तरीका है।

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