Matheran Hill Station: एशिया का एकमात्र ऑटोमोबाइल फ्री हिल स्टेशन! यहां टॉय ट्रेन और घुड़सवारी का मिलेगा फुल मजा....
Matheran Hill Station: यदि आप दुनिया के तनाव और शोरगुल वातावरण से दूर किसी शांत जगह की तलाश में है तो महाराष्ट्र का यह स्थान आपके लिए परफेक्ट है।

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Matheran Hill Station: यदि आप दुनिया के तनाव और शोरगुल वातावरण से दूर किसी शांत जगह की तलाश में है तो महाराष्ट्र का यह स्थान आपके लिए परफेक्ट है। वैसे तो भारत में अनेकों हिल स्टेशन है लेकिन यह अपने पहाड़ी कस्बो, शांत वातावरण, हरी–भरी वादियों के साथ–साथ 800 मीटर की ऊंचाई में स्थित होने की वजह से काफी प्रसिद्ध है। इस हिल स्टेशन की एक और खास बात है कि यह पूरी तरह से वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र है यहां न तो कोई बस चलती है और न ही कोई ऑटो। जानिए इस हिल स्टेशन का नाम क्या है और यहां कैसे पहुंचा जाता है।
माथेरान हिल स्टेशन की खासियत
1850 के आसपास एक अंग्रेजी कलेक्टर ह्यूग पोयंट्ज मैलेट ने इसकी खोज की और गवर्नर एल्फिंस्टोन ने यहां हिल स्टेशन बनाने का सुझाव दिया। 1880 के दशक में यूरोप के कुछ शक्तिशाली वर्ग यहां आकर बसने लगे थे। आज भी यहां आपको अंग्रेजी वास्तुकला के कई नमूने मिल जाएंगे। यह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित है और एशिया का एकमात्र ऑटोमोबाइल (वाहन) प्रतिबंधित हिल स्टेशन है।
यहां हिल स्टेशन के बाहर ही आपको अपनी गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है और यहां तक पहुंचने के लिए 2.5 किमी का रास्ता घोड़े से या फिर पैदल तय करना होता है, क्योंकि हिल स्टेशन के अंदर कोई पक्की सड़क नहीं बनी बल्कि यहां मिट्टी की सड़के है और वाहनों के शोरगुल से जानवरों को भी समस्या हो सकती है। यह ऑटोमोबाइल फ्री सिटी (Automobile Free hillstation) होने के साथ-साथ भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन भी है, जो केवल 7 वर्ग किमी में ही फैला है और यहां आबादी केवल 6 हजार के आसपास ही है। मुंबई से इसकी दूरी सिर्फ 80 किलोमीटर ही है।
यहां चलती है टॉय ट्रेन
इस हिल स्टेशन में घुड़सवारी के साथ-साथ टॉय ट्रेन का भी मजा लिया जा सकता है। यहां 1907 में टॉय ट्रेन बनवाने का श्रेय आदमजी पीरभॉय को दिया जाता है। रोमांचक अनुभव देने वाली यह ट्रेन नेरल स्टेशन से चालू होती है और माथेरान लगभग 2 से 2.5 घंटे में पहुंचती है। 20 किलोमीटर की इस यात्रा में आपको कई नए अनुभव प्राप्त होते हैं। बरसात के समय कुछ महीनो के लिए टॉय ट्रेन को बंद भी कर दिया जाता है। सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित होने की वजह से यहां 30–40 कई व्यू पॉइंट भी मौजूद है, जहां हर जगह आपको अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
