मार्च–अप्रैल की गर्मी में भी हरा-भरा धनिया कैसे उगाएं; जानिए धनिया उगाने का आसान किचन गार्डनिंग टिप्स!
Garmi Ke Mausam mein dhaniya Kaise ugaye: मार्च अप्रैल के महीने में जब गर्मी बढ़ने लगती है तो धनिया उगना काफी मुश्किल हो जाता है लेकिन फिर भी नमी और तापमान में संतुलन से गमले में धनिए के पौधे उगाए जा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे धनिए की किचन गार्डनिंग टिप्स।

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Garmi Ke Mausam mein dhaniya Kaise ugaye: धनिया एक ऐसा पौधा है जिसका उपयोग मसाले के रूप में या फिर सीधे इसके पौधों से पत्तियों को तोड़कर सब्जी में किया जाता है। सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए हमें हर मौसम में धनिया पत्ती की आवश्यकता होती है। वैसे तो धनिया उगाने का सबसे सही समय अक्टूबर से लेकर जनवरी का होता है जब मौसम में हल्की ठंड और धूप होती है। लेकिन मार्च अप्रैल के महीने में जब गर्मी बढ़ने लगती है तो धनिया उगना काफी मुश्किल हो जाता है लेकिन फिर भी नमी और तापमान में संतुलन से गमले में धनिए के पौधे उगाए जा सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे धनिए की किचन गार्डनिंग टिप्स।
इस तरह से करें धनिया की खेती
धनिया उगाने से पहले अच्छी क्वालिटी के हाइब्रिड या फिर देशी बीजों का चुनाव करना है। फिर बीजों को हाथों की सहायता से रगड़कर इसके दो भाग कर ले यह ध्यान रखें की हाथों पर उतना ही जोर लगाए जिससे धनिया दो भागों में बंट जाए न कि पूरी तरह टूट जाए। गोल बीजों को उगाने की अपेक्षा टूटे हुए बीज जल्दी और अधिक पैदावार देते हैं।
मिट्टी में डाले धनिया के बीज
मार्च–अप्रैल में बढ़ती गर्मी की वजह से धनिया के बीज को सीधे मिट्टी में दबा देना सही नहीं होगा। सबसे पहले इन बीजों को लगभग 1 दिन तक पानी में डुबोकर रखें जिससे बीज की ऊपरी परत में नमी जम जाती है और यह प्रक्रिया बीजों के अंकुरण में काफी मददगार है। जब धनिया पूरी तरह से भीग जाए तो उसे निकाल कर सूती कपड़े में लपेट दें जिससे पानी पूरी तरह सूख जाएगा। फिर इन बीजों को कुछ समय के लिए कमरे के तापमान पर खुला छोड़ दें।
धनिया उगाने के लिए मिट्टी तैयार करें
किसी भी फसल को उगाने के लिए उसका आधार सबसे मजबूत और उपजाऊ होना जरूरी है। यदि आप किसी गमले में धनिया उगा रहे हैं तो उसमें मिट्टी के साथ गोबर खाद, वर्मी कंपोस्ट और कोकोपीट भी मिलाए ताकि गर्मी के मौसम में मिट्टी के अंदर नमी सोखने की क्षमता बढ़ जाए और बीज को उचित वातावरण मिल सके।
मिट्टी में इस तरह से लगाए धनिया के बीज
मिट्टी तैयार होने के बाद उसे गमले में अच्छी तरह समतल करके भरे। धनिया के बीजों को मिट्टी में ज्यादा गहरे नहीं दबाना है बल्कि उसे आधे से 1 सेंटीमीटर की गहराई पर लगा दें। फिर ऊपर से हल्की मिट्टी के साथ कुछ खाद भी छिड़क दें। पौधों को लगाते समय यह जरूर ध्यान रखें कि उनके बीच पर्याप्त दूरी बनी रहे। यदि बीज पास पास लग जाएंगे तो उन्हें बढ़ने में काफी समस्या हो सकती है और फंगस का खतरा भी बढ़ जाता है।
- बीजों को लगाने के बाद ये बातें ध्यान रखें
- आपको यह समझना जरूरी है कि मार्च–अप्रैल में गर्मी बढ़ती जाती है और इससे बीज जल्दी सुख सकते हैं इसलिए दिन में दो बार हल्का पानी देना बहुत जरूरी है ताकि बीजों में नमी बरकरार रहे।
- गमले को हर समय धूप में ना रखें बल्कि सुबह और शाम की हल्की धूप ही इसके लिए काफी होगी। धनिया के पौधों को उगाने के लिए 22 से 25 सेंटीग्रेड यानी रूम तापमान ही काफी होता है। यदि गर्मी अधिक बढ़ गई है तो किसी जुट बोरे या कपड़े से गमले को ढक दें।
- गमले में खरपतवार भी उगने लगते हैं जिसे समय-समय पर निकालते रहना बहुत जरूरी है। खरपतवार के होने से जो पोषण धनिए को मिलनी चाहिए वह बेकार के घास को मिल जाती है।
- इसके साथ ही अंकुरित पौधों को कीड़े मकोड़े से बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव किया जा सकता है। इससे पत्तियां हरी और काफी मजबूत निकलेंगी।
