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Japan ke logon ki anokhi aadat: जापान क्यों है सबसे अलग? जानिए वहां की 7 अनोखी परंपराएं और लोगों के शौक!

Japan ke logon ki anokhi aadat: जापान में रहने वाले स्थानीय निवासियों की आदतो के पीछे भी गहरी समझ और अनुभव छिपी हुई है, जिन्हें आज हम जानने का प्रयास करेंगे। चलिए जानते हैं जापानियों के कुछ अनोखे आदतों के बारे में।

Japan ke logon ki anokhi aadat: जापान क्यों है सबसे अलग? जानिए वहां की 7 अनोखी परंपराएं और लोगों के शौक!
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chirag Sahu

Japan ke logon ki anokhi aadat: उगते सूरज की भूमि ’जापान’ कि जब बात आती है तो सबसे पहले यहां की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और लोगों का अनुशासन नजर आता है। वैसे तो यह काफी छोटा द्वीप देश है, लेकिन अपने रिसोर्स और टेक्नोलॉजी के दम पर अमेरिका जैसे बड़े देश को भी टक्कर कर दे सकता है। लेकिन जापान में रहने वाले स्थानीय निवासियों के कई ऐसे शौक और आदतें हैं जिन्हें जानकर आपको काफी अजीब लगेगा। यहां लोगों के इन आदतो के पीछे भी गहरी समझ और अनुभव छिपी हुई है, जिन्हें आज हम जानने का प्रयास करेंगे। चलिए जानते हैं जापानियों के कुछ अनोखे आदतों के बारे में।

सभी के घरों में स्मार्ट टॉयलेट का होना

टेक्नोलॉजी के मामले में जापान इतना आगे है कि इसने अपने टॉयलेट सीट में ही कई ऐसे फीचर्स का इस्तेमाल किया है जिससे फ्रेश होने के साथ साथ अपनी पूरी बॉडी चेकअप भी किया जा सकता है। यहां के लोग स्वच्छता और पानी के उपयोग के प्रति काफी सजग होते हैं इसलिए ये स्मार्ट टॉयलेट उपयोग के हिसाब से ही पानी रिलीज और टॉयलेट सीट का तापमान मेंटेन करते हैं।

इनेमुरी: ऑफिस टाइम में सोने की आदत

अधिकतर देशों में ऑफिस टाइम पर सिर्फ ऑफिस के काम करने की ही इजाजत होती है और यदि थोड़ा भी समय इधर उधर हुआ तो तुरंत बॉस की फटकार भी पड़ जाती है लेकिन जापान में ऐसा नहीं होता। यहां सभी ऑफिस में अपने कर्मचारियों को ऑफिस टाइम में भी सोने की अनुमति दी जाती है, जिसे इनेमुरी के नाम से जाना जाता है। यहां के लोग मानते हैं कि जिस व्यक्ति को काम करने के बाद थकान हो रही है उसे नींद लेना आवश्यक है अन्यथा वह अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाएगा।

हारा हाची बू: पेट भरने की अनोखी तकनीक

जापान में अधिकतर लोग 100 साल की उम्र तक आराम से जी लेते हैं और इतनी लंबी उम्र तक पहुंचने के लिए इनको खान-पान का भी बहुत ध्यान रखना होता है। जापानियों ने खाने को लेकर एक अनोखी तकनीक इजात की है जिसे हारा हाची बू के नाम से जाना जाता है। इस तकनीक का यह नियम है कि जब खाना खाते वक्त आपका पेट 80% तक भर जाए तो खाना रोक देना चाहिए और कभी फुल पेट खाना नहीं लेना चाहिए। इसी नियम से ये लोग कई प्रकार की बीमारियों से बचे रहते हैं और लंबी उम्र तक जीते हैं।

शिनरिन योकु: मन की शांति के लिए योग

जापान में जब भी लोगों को तनाव या मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो यहां के डॉक्टर लोगों को शिनरिन योकु की सलाह देते हैं। यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें आप जंगल में जाकर वहां प्रकृति को महसूस करते हैं और शांत वातावरण में योग व ध्यान का अभ्यास करके मन की शांति प्राप्त करते हैं। प्रकृति के करीब रहने पर वाकई आपको मानसिक तनावों से मुक्ति मिलेगी।

इकिगाई: सबसे खुशनसीब इंसान बनने की तकनीक

जापान के लोग मानते हैं कि दुनिया में आया हुआ हर व्यक्ति का कोई ना कोई मकसद होता है जिसे पूरा करना बहुत ही आवश्यक है और यही मकसद आपका इकिगाई है। इस तकनीक के अनुसार आपको हर दिन खुद को और अपनी मकसद को पहचानते हुए लोगों के लिए कार्य करना है।

ओफुरो: नहाने की अनोखी तकनीक

जापान के लोगों में रात के समय गर्म पानी से नहाने की एक अनोखी परंपरा काफी लंबे समय से चली आ रही है, जिसे ओफुरो के नाम से जाना जाता है। यहां के लोग सुबह से ही अपने कामों पर चले जाते हैं साथ ही यहां गर्मी भी बहुत ज्यादा पड़ती है जिस वजह से रात में नहाना सही रहता है। कई वैज्ञानिक शोध भी यह बताते हैं की रात के समय गर्म पानी से नहाने से दिनभर की सारी थकान दूर होती है और नींद भी अच्छे से आती है। हालांकि ठंडे पानी का भी उपयोग किया जाता है।

कठोर अनुशासन और समय के प्रति सजगता

जापानी लोग अपने पूरे जीवन भर एक कठोर अनुशासन का पालन करते हैं। इसलिए यह देश कई वर्षों तक दूसरों के गुलाम होने के बाद भी आज इतना विकसित राष्ट्र बन गया है। इतना ही नहीं यहां के लोगो के पास रिसोर्स भरपूर होने के बावजूद भी ये मिनिमलिज्म के सिद्धांत को अपनाते हैं जिसमें ये हर चीज व्यवस्थित और अनावश्यक चीजों का त्याग करते हैं। इन लोगों का झुककर अभिवादन करने की परंपरा भी काफी खास है। समय की कीमत कोई जापानियों से ही सीखें। समय की पाबंदी को लेकर यहां कोई कड़े नियम नहीं है बल्कि यह इनकी संस्कृति में ही घुली हुई है। इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि जहां बाकी देशों में ट्रेन कई घंटे लेट हो जाती हैं वहीं जापान में ट्रेन का 30 सेकंड से अधिक लेट होना असभ्यता का प्रतीक माना जाता है।

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