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Ghar mein kaise lagaen tamatar ke paudhe: इस तरीके को अपनाकर घर की छत में भी उगा सकते हैं टमाटर; जानिए कैसे की जाती है टमाटर की इनडोर फार्मिंग?

Ghar mein kaise lagaen tamatar ke paudhe: आज हम आपको टमाटर की इनडोर फार्मिंग के बारे में बताने वाले है की कैसे आप अपने घर के छत में ही स्वादिष्ट और फ्रेश टमाटर उगा सकते है। इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि कम खर्चे में टमाटर की इनडोर फार्मिंग कैसे की जा सकती है।

Ghar mein kaise lagaen tamatar ke paudhe: इस तरीके को अपनाकर घर की छत में भी उगा सकते हैं टमाटर; जानिए कैसे की जाती है टमाटर की इनडोर फार्मिंग?
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By Chirag Sahu

Ghar mein kaise lagaen tamatar ke paudhe: जब भी बाजारों में टमाटर की कीमत आसमान छूने लगती है तो मन में एक बार जरूर आता है कि हम भी खुद टमाटर उगाना चालू कर दें। लेकिन समस्या यह है कि हमारे पास इतनी जमीने और रिसोर्स नहीं है जिसमें हम खेती कर पाए, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है आज हम आपको टमाटर की इनडोर फार्मिंग के बारे में बताने वाले है की कैसे आप अपने घर के छत में ही स्वादिष्ट और फ्रेश टमाटर उगा सकते है। इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि कम खर्चे में टमाटर की इनडोर फार्मिंग कैसे की जा सकती है।

टमाटर की खेती के लिए सही वातावरण का निर्माण

टमाटर ही नहीं किसी भी सब्जी को उगाने के लिए उचित वातावरण निर्मित करना बहुत जरूरी होता है। ठंड और गर्मी दोनों मौसम में आप टमाटर को उगा सकते हैं लेकिन ध्यान यह रखना है कि बाहरी वातावरण का तापमान 15 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच हो। टमाटर के बीजों को लगाने का सबसे सही समय जुलाई, अक्टूबर और मार्च का माना जाता है क्योंकि इसी समय ही टमाटर के बीज जल्दी अंकुरित हो पाते हैं।

किस तरह से लगाए टमाटर के बीज

टमाटर के पौधों को उगाने के लिए सबसे पहले कोई चौड़ा बर्तन या ट्रे लीजिए ताकि टमाटर के बीजों को इसमें लगाया जा सके। इस ट्रे में मिट्टी के साथ वर्मी कंपोस्ट और गोबर खाद को मिलाकर अच्छी तरह से ट्रे में फैला दें। फिर टमाटर के बीजों को इस मिट्टी में लगभग आधे सेंटीमीटर तक अंदर दबा दें। ध्यान रहे कि बीज ज्यादा अंदर न चला जाए अन्यथा इसे अंकुरित होने में समस्या हो सकती है। फिर अंत में अच्छी तरह से पानी देकर बीजों को मिट्टी से ढक दे और इस बात का भी ध्यान रखे कि जब-जब मिट्टी सूख जाएगी उस पर हल्की-हल्की पानी रेगुलर डालते रहना चाहिए। डेढ़ से दो हफ्ते

में बीजों से छोटे-छोटे पौधे नजर आने लगेंगे और ये छोटे पौधे चार हफ्तों में 5 से 6 इंच तक बड़े हो जाते हैं। इस स्तर तक पौधे का विकास होने के बाद इसे गमले में लगाने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

गमले में लगाए टमाटर के पौधे

टमाटर के पौधों को गमले में लगाने के लिए सबसे पहले 12–15 इंच के गहराई वाले गमले के अंदर कंपोस्ट, गोबर खाद और मिट्टी आदि भरकर इसे तैयार कर लें। सबसे महत्वपूर्ण बात जो पौधे लगाते वक्त ध्यान में जरूर होनी चाहिए कि जब भी आप टमाटर के पौधों को गमले में लगाए तो पौधे का 60% प्रतिशत हिस्सा मिट्टी के अंदर दबा होना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि टमाटर के पौधे में तने भी अपनी जड़ निकालते हैं इसलिए पौधा गहराई में लगा होगा तो इसे वृद्धि के लिए अधिक पोषक तत्वों की प्राप्ति होगी। पौधे को मिट्टी में अच्छी तरह से दबा दें और इसे हर दिन 7 से 8 घंटे धूप जरूर दिखाएं साथ ही मिट्टी के सूख जाने पर पानी भी डालते रहे। हर 15 से 20 दिनों में अच्छी क्वालिटी के खाद डालते रहने से इसके फूल काफी जल्दी फल में परिवर्तित होते हैं।

टमाटर के पैदावार की कटाई

हम जिस समय भी टमाटर के पौधे लगाते हैं उसके लगभग 1 महीने बाद इसमें फूल आना शुरू होता है और फिर अगले एक महीने में इसके फल पकने भी लगते हैं अर्थात यह पूरी प्रक्रिया लगभग दो महीने की होती है। एक टमाटर का पौधा लगभग 2 से 3 महीने तक फल दे सकता है और जब भी आपको टमाटर तोड़ना हो तो लाल और नारंगी हो चुके टमाटर ही तोड़े।

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