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Garbhnirodha goliyon Ka Sevan kaise karen: गर्भनिरोधक गोलियों से बढ़ता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? जानिए ब्रेस्ट कैंसर और इन गोलियों को खाने से जुड़ी जरूरी जानकारी!

कुछ वैज्ञानिक शोधों से यह पता चला है कि इन गोलियों के अधिक सेवन से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक हो जाता है। चलिए जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है?

Garbhnirodha goliyon Ka Sevan kaise karen: गर्भनिरोधक गोलियों से बढ़ता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? जानिए ब्रेस्ट कैंसर और इन गोलियों को खाने से जुड़ी जरूरी जानकारी!
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By Chirag Sahu

Garbhnirodhak goliyon Ka Sevan kaise karen: अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए वर्तमान समय में अधिकतर महिलाओं द्वारा गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल किया जाता है। यह गोलियां भ्रूण को नष्ट करने का कार्य करती है। कई महिलाओं द्वारा पीरियड्स के दौरान हार्मोनल इंबैलेंस होने पर भी इन गोलियों का सेवन किया जाता है। कुछ वैज्ञानिक शोधों से यह पता चला है कि इन गोलियों के अधिक सेवन से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक हो जाता है। चलिए जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है?

क्या होती है गर्भनिरोधक गोलियां/What are birth control pills

गर्भनिरोधक गोलियां महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव करके गर्भधारण को रोकता है। महिलाओं में दो प्रकार के जनन हार्मोन पाए जाते हैं जिसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन कहते है। गर्भनिरोधक गोलियां इन हार्मोन में बदलाव करती हैं और अंडाणु बनने की प्रक्रिया रुक जाती है। साथ ही म्यूकस गाढ़ा हो जाने के कारण पुरुषों का शुक्राणु महिलाओं के गर्भाशय तक नहीं पहुंच पाता और गर्भधारण भी नहीं होता।

गर्भनिरोधक गोलियों से हो सकता है ब्रेस्ट कैंसर

एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन महिलाओं के शरीर में स्तनों के विकास के लिए जिम्मेदार होता है और जब महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियां ग्रहण करती हैं तो इस तरह के अतिरिक्त सिंथेटिक हार्मोन लेने से ब्रेस्ट के सेल्स में कुछ परिवर्तन हो जाते हैं और और इसी अतिरिक्त हार्मोन के वजह से स्तन की कोशिकाएं प्रभावित होती हैं साथ ही ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।

कुछ महिलाओं पर हुए शोधों से यह पता चला है कि जिन महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर था वे गर्भनिरोधक गोलियां ग्रहण कर रही थी। 35–40 साल से ऊपर की महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। इन गोलियों के सेवन से महिलाओं को कुछ फायदे भी मिलते हैं। जैसे महिलाओं के गर्भाशय और अंडाशय में होने वाले कैंसर से सुरक्षा साथ ही पीरियड्स को नियंत्रित करने में भी सहायक होती हैं।

बचाव के तरीके

  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कम करने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
  • ऐसी महिलाएं जिन्हें पहले भी ब्रेस्ट कैंसर हो चुका है उन्हें गर्भ निरोधक गोलियां नहीं लेनी चाहिए।
  • माइग्रेन और मोटापे से ग्रसित 35 वर्ष से अधिक की महिलाओं को गर्भ निरोधक गोलियों के सेवन से बचना चाहिए।
  • सभी महिलाओं को संतुलित आहार लेना, शारीरिक सक्रियता और नियमित स्तनों की जांच करते रहना चाहिए।
  • ब्रेस्ट कैंसर का एक मुख्य लक्षण यह है कि स्तनों में दर्द और भारीपन महसूस होता है ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरूरी है।
  • यदि आप नशीली चीजों का सेवन करती हैं तो आपके हार्मोन में बदलाव हो सकते है और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • डॉक्टर के उचित परामर्श के बाद ही गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करें।
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