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EDUCATIONAL PARENTING TIPS : बोर्ड एग्जाम बस कुछ ही दिनों में... बच्चों को नहीं बल्कि आपको सुधरने की जरुरत

Parenting Tips : बच्चे को टॉपर बनाने के लिए महंगी कोचिंग की जरूरत नहीं होती है. अगर बच्चा सही तरीके से पढ़े, अच्छी आदतें डाले और माता-पिता सही गाइडेंस दें, तो बिना कोचिंग भी बच्चा टॉपर बन सकता है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ रोचक और खास टिप्स जिससे आपका बच्चा पढाई से दूर नहीं भागेगा.

EDUCATIONAL PARENTING TIPS : बोर्ड एग्जाम बस कुछ ही दिनों में... बच्चों को नहीं बल्कि आपको सुधरने की जरुरत
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By Meenu Tiwari

parenting for education : बोर्ड एग्जाम में बस कुछ ही दिन शेष है. साल भर तो आपने जो भी किया उसे छोड़कर आगे चलते हैं. पर अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है. आप अपने बच्चों की सही पेरेंटिंग कर और कुछ मंथ उन पर विशेष ध्यान देकर उन्हें टॉपर बना सकते हैं. बस इसके लिए आपको सबसे पहले ये करना है की आपको जानना है की क्या करना है ? यहाँ हम आपको कुछ ऐसे पेरेंटिंग स्किल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप अपने बच्चों को बिना किसी बड़े कोचिंग-ट्यूशन के भी अच्छी एजुकेशन दे सकते हैं.


हर पेरेंट्स की इच्छा होती है की उनका बच्चा टॉपर बनें और क्लास में सबसे आगे रहे. पर हम सिर्फ चाहते हैं और छोड़ देते है स्कूल और कोचिंग-ट्यूशन के भरोसे. और नम्बर कम आने पर सारा ब्लेम बच्चे और टीचर के सर मढ देते हैं. आपको बताते चले की बच्चे को टॉपर बनाने के लिए महंगी कोचिंग की जरूरत नहीं होती है. अगर बच्चा सही तरीके से पढ़े, अच्छी आदतें डाले और माता-पिता सही गाइडेंस दें, तो बिना कोचिंग भी बच्चा टॉपर बन सकता है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ रोचक और खास टिप्स जिससे आपका बच्चा पढाई से दूर नहीं भागेगा, बल्कि हर टाइम आपको पढ़ने के लिए कहेगा और खेल खेल में अपनी रूचि से पढाई करेगा.


अपना टाइम टेबल खुद बनाने दे


कई बार पैरेंट्स अपना प्लान बच्चे पर थोप देते हैं, जिससे बच्चा पढ़ाई को बोझ समझने लगता है. अगर बच्चा खुद अपना शेड्यूल बनाता है, तो वह उसे जिम्मेदारी से फॉलो भी करता है. इससे उसमें अनुशासन और समय की कद्र करने की आदत बनती है. ऐसे में बच्चे को खुद उसका टाइम टेबल बनाने दें.

रटायें नहीं समझाकर पढ़ाएं



बच्चे को रटने की नहीं, समझने की आदत डलवाएं. जब बच्चा किसी चीज को समझकर पढ़ता है, तो वह ज्यादा समय तक याद रहती है. ऐसे में उसे चीजें आराम से समझाएं फिर वही चीजें उसे अपने आप को समझाने के लिए कहें. यानी थोड़ी देर के आप स्टूडेंट बन जाएं और बच्चे को टीचर बनने के लिए कहें. इससे उसे पढ़ा हुआ लंबे समय तक याद रहेगा.

नोट्स बनाने की आदत डालें

बच्चे को छोटे-छोटे नोट्स बनाने की आदत डालें. हर चैप्टर के इम्पोर्टेंट पॉइंट्स, कीवर्ड्स और डायग्राम बनवाएं. इससे रिवीजन बहुत आसान हो जाता है और बच्चा जल्दी तैयारी कर पाता है.




खुद अपनी कमजोरियों को पहचानने दे

बच्चे को हर हफ्ते सेल्फ टेस्ट देने की आदत डालें. इससे वह खुद अपनी कमजोरियों को पहचानता है और सुधार कर सकता है. साथ ही एग्जाम का डर भी कम होता है.

30 मिनट पढ़ाई के बाद 5 मिनट का ब्रेक

पढ़ाई के बीच सही ब्रेक देना बहुत जरूरी है. लगातार कई घंटों तक पढ़ाने से बच्चा थक जाता है और ध्यान कम होने लगता है. बेहतर है कि 30 मिनट पढ़ाई के बाद 5 मिनट का ब्रेक दें. हालांकि, इस दौरान बच्चे को मोबाइल और स्क्रीन से दूर रखें ताकि दिमाग सच में आराम कर सके.

बच्चे को यह सिखाएं कि गलती होना गलत नहीं है

सबसे जरूरी पॉइंट है पॉजिटिव माइंडसेट. बच्चे को यह सिखाएं कि गलती होना गलत नहीं है. गलती से सीखकर आगे बढ़ना असली सफलता है. अगर बच्चा खुद पर भरोसा रखना सीख गया, तो वह हर चुनौती से निपट सकता है.


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