Duniya Ke 5 sabse purane jeev: करोड़ों साल पुराने 5 रहस्यमयी जीव, इनको खत्म करना है लगभग नामुमकिन! न्यूक्लियर हमले से भी बचने की है पावर
Duniya Ke 5 sabse purane jeev: प्रकृति ने कई ऐसे जानवरों का निर्माण किया है जो दुनिया में मनुष्यों से भी पहले आ चुके थे। इनमें से कई जीव जलीय है और कई धरती पर भी रहते है। कईयों के पास तो ऐसी भी शक्तियां हैं जिसकी वजह से ये न्यूक्लियर मिसाइल के हमले तक को झेल सकते हैं।

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Duniya Ke 5 sabse purane jeev: प्रकृति ने कई ऐसे जानवरों का निर्माण किया है जो दुनिया में मनुष्यों से भी पहले आ चुके थे। इनमें से कई जीव जलीय है और कई धरती पर भी रहते है। कईयों के पास तो ऐसी भी शक्तियां हैं जिसकी वजह से ये न्यूक्लियर मिसाइल के हमले तक को झेल सकते हैं। कई वैज्ञानिकों द्वारा यह दावा किया जा चुका है कि पृथ्वी पर अब तक कई ऐसे जीव मौजूद हैं जो करोड़ों वर्षों से अपने आप को अलग-अलग परिस्थितियों में ढालते हुए आए हैं। इन जीवों के बारे में यह कहा जा सकता है कि अगर पूरी दुनिया में कोई भारी आपदा आती है तो मनुष्य का तो पता नहीं लेकिन ये जीव अवश्य ही बच सकते हैं। इन्होंने अपने शरीर को ही ऐसा बना लिया है कि ये किसी भी प्रकार के रेडिएशन और कम ऑक्सीजन वाली जगह पर जीवित रह सकते हैं।
1. ग्रीनलैंड शार्क/Greenland Shark
शार्क की यह प्रजाति और आर्कटिक और अटलांटिक महासागर के ठंडे इलाकों में पाई जाती है। कई शोधों में यह पता चला है कि ग्रीनलैंड शार्क सबसे ज्यादा उम्र तक (लगभग 500 साल) जीने वाली वर्टिब्रेट जीव है। ये शार्क समुद्र में 2 से 2.5 किलोमीटर अंदर तक पाई जा सकती है। इन मछलियों का पाचन तंत्र बहुत ही धीमा होता है जिस वजह से ये इतने सालों तक जी पाते हैं। एक और खास बात है कि यह मछलियां लगभग 160 वर्षों के बाद ही प्रजनन के लिए तैयार हो पाती है।
2. बिच्छू/Scorpion
धरती पर सबसे पुराने जीवो में बिच्छू का नाम भी शामिल है। माना जाता है कि यह धरती पर 40 से 45 करोड़ साल पहले आ चुके थे और आज भी मौजूद है। पूरी दुनिया में इसके लगभग 1500 से भी अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं जिसमें कई जहरीली है और कई बिना जहर के। बिच्छू की खासियत होती है कि यह जीव बिना कुछ खाए लगभग 10 से 11 महीने तक जीवित रह सकता है।
3. टार्डिग्रेड/Tardigrade
समुद्री भालू यानी water bear कहां जाने वाला यह जीव समुद्र की गहराइयों में पाया जाता है। इसकी खोज 1773 में की गई थी। इसका नाम सुनकर इसके साइज का अंदाजा मत लगाइएगा क्योंकि इसे आंख से देखना बहुत ही मुश्किल है। यह 0.3 से 0.5 मिलीमीटर का ही होता है इसलिए इसे देखने के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ती है। दुनिया में इस जीव के जैसा और दूसरा शायद ही कोई होगा क्योंकि यह भयंकर न्यूक्लियर रेडिएशन, स्पेस वेक्यूम और गहरे समुद्र का दबाव सब कुछ आराम से झेल सकता है।
4. डीनोकोकस रेडियोड्यूरन्स/Deinococcus radiodurans
यह जीव एक प्रकार का बैक्टीरिया होता है जिसे दुनिया का सबसे मजबूत छोटा जीव भी कहते हैं। वैज्ञानिकों ने 1956 में इसकी खोज कर इसे न्यूक्लियर रेडिएशन से गुजारा गया। नतीजा काफी चौंकाने वाला था इतनी खतरनाक रेडिएशन में भी यह जीव आसानी से बच गया। इस बैक्टीरिया के अंदर एक ऐसी पावर है कि जब भी इसके डीएनए में कोई समस्या आती है तो यह कुछ ही समय में उसे ठीक कर लेता है जिस वजह से इसे सुपर बैक्टीरिया भी कहते हैं।
5. कॉकरोच/Cockroach
दुनिया के लगभग हर घर में आतंक मचाने वाला यह जीव भी 35 करोड़ साल पहले आ चुका था। इसकी भागने की गति बहुत तेज होती है साथ ही यह बिना सिर के भी कई हफ्तों तक जीवित रह सकता है। वैज्ञानिक यह मानते हैं कि यदि जब भी पूरी दुनिया में न्यूक्लियर युद्ध होगा तो उसमें कॉकरोच ही एक ऐसा जीव है जो बच सकता है।
