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Duniya ka sabse mahanga chawal kaun sa hai: दुनिया का नंबर 1 लग्जरी राइस; कीमत जान पैरों तले खिसक जाएगी जमीन...

Duniya ka sabse mahanga chawal kaun sa hai:आज हम आपको चावल की एक ऐसी प्रजाति के बारे में बताएंगे जिसे उगाने की प्रक्रिया काफी कठिन और दाम में भी सबसे महंगी होती है।

Duniya ka sabse mahanga chawal kaun sa hai: दुनिया का नंबर 1 लग्जरी राइस; कीमत जान पैरों तले खिसक जाएगी जमीन...
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By Chirag Sahu

Duniya ka sabse mahanga chawal kaun sa hai: एशिया महाद्वीप के लगभग सभी देशों का मुख्य भोजन चावल ही है। चावल से ही कई प्रकार की अलग-अलग डिश बनाकर भारत, श्रीलंका, इंडोनेशिया और जापान जैसे देशों में प्रमुख रूप से खाया जाता है। वैसे तो पूरी दुनिया में चावल की लगभग 40 हजार से भी अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं लेकिन क्या आपको पता है कि इनमें से सबसे महंगी चावल की वैरायटी कौन सी है और कहां पाई जाती है। पूरी दुनिया में इस चावल की ख्याति ऐसी है कि इसे अब तक कई वर्ल्ड रिकॉर्ड भी प्राप्त हो चुके हैं। आज हम आपको चावल की एक ऐसी प्रजाति के बारे में बताएंगे जिसे उगाने की प्रक्रिया काफी कठिन और दाम में भी सबसे महंगी होती है।

किनमेमई प्रीमियम चावल है सबसे महंगी (Kinmemai Premium Rice)

दुनिया का सबसे महंगा चावल उगाने वाला देश है जापान। जी हां! जापान ही वह देश है जहां किनमेमई प्रीमियम चावल की खेती की जाती है। जापान में इस चावल का उत्पादन टोयो राइस कॉरपोरेशन (Toyo Rice Corporation) के द्वारा राइस बफिंग तकनीक से किया जाता है। किनमेमई प्रीमियम चावल का निर्माण कोशीहिकारी और पिकामारू जैसी पांच अलग-अलग उच्च गुणवत्ता वाले चावल की किस्मो को एक साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। इसी खासियत की वजह से इस चावल के सबसे महंगे होने पर 2016 में इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दिया गया।

कितना महंगा है यह चावल

यह चावल इतना महंगा है कि इसकी कीमत जानकर आपको काफी हैरानी होगी। इसके मात्र 840 ग्राम चावल की कीमत लगभग 11,000 जापानी येन होती है जो कि भारतीय रूपों में 6.5 हजार के आसपास होता है। अमेरिकी डॉलर में 1 किलो किनमेमई प्रीमियम चावल की कीमत $100 और भारतीय रुपयों में ₹15000 से भी ऊपर चली जाती है। इस चावल के इतने महंगे होने का कारण इसकी लिमिटेड सप्लाई है क्योंकि टोयो राइस कॉरपोरेशन द्वारा इस चावल के हर साल केवल 1 हजार बॉक्स ही तैयार किए जाते है जिसमें 140gm के 6 पैकेट चावल भरे होते है। इस चावल को खाना किसी लग्जरी से कम नहीं माना जाता इसलिए कई लोग इसे गिफ्ट के तौर पर भी देते हैं।

इस चावल के इतने महंगे होने का राज इसमें पाए जाने वाले कई ऐसे गुण हैं जो अन्य चावल की किस्मो में नहीं पाए जाते। यह चावल खाने में हल्की मीठी, मुलायम और क्रीम की तरह लगती है, जिस वजह से इसे पचाना भी काफी आसान है। पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें फाइबर, विटामिन B1, B6 और फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। सामान्य चावल की तुलना में इसमें काफी कम कैलोरी और लगभग 32% कम शुगर होता है। इतने महंगे होने की वजह से जापान में इसे खास मौके पर ही बनाया जाता है।

कैसे और कहां उगाया जाता है यह चावल

इस चावल की खेती जापान के सबसे उपजाऊ और खनिजों से युक्त मिट्टी वाले खेतीहर इलाकों जैसे निगाटा, गिफू और कुमामोतो में की जाती है। यहां की मिट्टी के कई परीक्षणों के बाद इन जगहों को चावल की खेती के लिए चुना जाता है। इस चावल को काफी बारीकी से मशीन द्वारा नहीं बल्कि हाथों से ही चुना जाता है और इसे बाजार में बेचने का काम टोयो राइस कॉरपोरेशन करती है और कीमतें भी यही तय करते है।

अन्य चावल की किस्मो में उन्हें खेतों से काटकर व छिलके अलग करके सीधे बाजारों में भेज दिया जाता है लेकिन किनमेमई प्रीमियम चावल के ऐसा नहीं होता। जब खेतों से यह चावल काटकर फैक्ट्री में आता है तब लगभग 6 महीने तक लंबे समय के लिए इसे एक उचित तापमान वाले कमरे में एजिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इस दौरान चावल के स्वाद, विटामिन और बाहरी आवरण में कई परिवर्तन होते है। अंत में बफिंग तकनीक द्वारा चावल के बाहरी आवरण को सावधानीपूर्वक निकाला जाता है फिर इसकी पॉलिशिंग करके बाजारों में बेचा जाता है। अगर आपको भी सबसे महंगे और मक्खन जैसे चावल खाने की इच्छा है तो किनमेमई प्रीमियम चावल का सेवन कर सकते है।

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