Dadasaheb Phalke Award Ka Itihas: इस इनाम में मिलते हैं 10 लाख नगद व स्वर्ण कमल, जानिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार का इतिहास

Dadasaheb Phalke Award Ka Itihas: दादासाहेब फाल्के, यह पुरस्कार भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा फिल्म जगत में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह उन व्यक्तियों को दी जाती है जिन्होंने भारतीय सिनेमा में अपना संपूर्ण योगदान दिया हो। यह सर्वोच्च सम्मान भारतीय सिनेमा के जनक धुंडीराज गोविंद फाल्के, जिन्हें दादासाहेब फाल्के के नाम से जाना जाता है, की स्मृति में स्थापित किया गया।
पुरस्कार की शुरुआत
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत 1969 में हुई थी, यह समय दादासाहेब की 100वीं वर्षगांठ थी। जिन्होंने 1913 में भारत की पहली पूर्ण-लंबाई वाली फीचर फिल्म "राजा हरिश्चंद्र" का निर्माण किया। इस फिल्म ने न केवल भारतीय सिनेमा की नींव रखी बल्कि एक नई कला और संस्कृति को जन्म दिया। यह पुरस्कार सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया जाता है, जिसमें स्वर्ण कमल पदक, एक शॉल और 10 लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है।
पहला पुरस्कार किसे मिला
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार का पहला संस्करण 1969 में आयोजित 17वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया गया। इस पुरस्कार की पहली प्राप्तकर्ता थीं देविका रानी चौधरी, जो न केवल एक उत्कृष्ट अभिनेत्री थीं, बल्कि बॉम्बे टॉकीज की सह-संस्थापक भी थीं। उनकी फिल्में और उनके द्वारा स्थापित प्रोडक्शन हाउस ने भारतीय सिनेमा के प्रारंभिक दौर में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पुरस्कार की प्रक्रिया
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार का चयन एक विशेषज्ञ समिति द्वारा किया जाता है, जो प्राप्तकर्ता के सिनेमा के प्रति योगदान का गहन मूल्यांकन करती है। यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होती है, जिसमें कला, तकनीक और सामाजिक प्रभाव जैसे विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाता है। यह पुरस्कार हर साल प्रदान किया जाता है, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों, जैसे कि महामारी, के कारण इसमें विलंब हो सकता है। उदाहरण के लिए, 2019 का पुरस्कार 2021 में प्रदान किया गया था।
अब तक के प्राप्तकर्ता
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार अब तक कई महान हस्तियों को प्रदान किया जा चुका है, जिनमें अभिनेताओं, निर्देशकों, गायकों सभी शामिल है। इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाली पहली महिला देविका रानी के बाद कई अन्य महिलाओं ने भी इस सम्मान को हासिल किया। हाल के वर्षों में, 2020 में आशा पारेख, 2021 में रजनीकांत, 2022 में वहीदा रहमान, 2023 में रेखा, 2024 में मिथुन चक्रवर्ती और 2025 में 71वां दादा साहब फाल्के पुरस्कार 2023 मलयालम अभिनेता मोहनलाल को दिया गया है।
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