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Budget : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को करेंगी तीसरा केंद्रीय बजट पेश, जानिए क्या होता है बजट और इसका इतिहास

Budget : 'बजट' शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द 'Bougette' से आया है, जिसका अर्थ है छोटा बैग।

Budget : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को करेंगी तीसरा केंद्रीय बजट पेश, जानिए क्या होता है बजट और इसका इतिहास
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By Meenu Tiwari

Budget : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा केंद्रीय बजट पेश कर रही है. क्या आपको पता है बजट शब्द के क्या मायने है और इस शब्द की उतपत्ति कहा से हुई. बजट देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला अहम दस्तावेज है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले बजट पेश किया जाता है। बजट में सरकार की आय और खर्च का पूरा विवरण होता है। भारत में वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले वर्ष 31 मार्च तक चलता है।

'बजट' शब्द की उत्पत्ति

'बजट' शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द 'Bougette' से आया है, जिसका अर्थ है छोटा बैग। यह शब्द लैटिन भाषा के 'Bulga' से निकला है, जिसका अर्थ है चमड़े का थैला। प्राचीन काल में व्यापारी अपने वित्तीय दस्तावेज थैले में रखते थे। धीरे-धीरे यह शब्द आर्थिक हिसाब-किताब से जुड़ गया। और सरकार के सालाना आर्थिक लेखे-जोखे को 'बजट' कहा जाने लगा।

भारत का पहला बजट

भारत का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को पेश किया गया। 1857 की क्रांति के महज तीन साल बाद इसे स्कॉटिश अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ जेम्स विल्सन ने ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से ब्रिटिश क्राउन के समक्ष पेश किया था। इसे स्कॉटिश अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने ब्रिटिश शासन के दौरान प्रस्तुत किया था। शुरुआती 30 वर्षों तक बजट में 'इंफ्रास्ट्रक्चर' शब्द का उल्लेख नहीं था। यह शब्द पहली बार 20वीं सदी की शुरुआत में बजट में शामिल हुआ।

आजाद भारत का पहला बजट

स्वतंत्र भारत का पहला बजट 16 नवंबर 1947 को पेश किया गया। इसे देश के पहले वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने प्रस्तुत किया। यह बजट अर्थव्यवस्था की समीक्षा रिपोर्ट जैसा था। इसमें कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। कुल बजट का लगभग 46% यानी करीब 92.74 करोड़ रुपये रक्षा सेवाओं के लिए निर्धारित किया गया।




हिंदी में बजट पेश होने की शुरुआत कब हुई?

पहले बजट के दस्तावेज केवल अंग्रेजी में प्रकाशित होते थे। 1955-56 से बजट दस्तावेज हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रकाशित होने लगे।

किसे कहा गया 'ब्लैक बजट' ?

इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान 1973-74 के बजट को 'ब्लैक बजट' कहा जाता है। इसे वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण ने पेश किया था। यह बजट 550 करोड़ रुपये के घाटे का था। यह उस समय का सबसे बड़ा बजट घाटा था। 1971 के युद्ध और खराब मानसून का असर बजट पर पड़ा था।


क्या है बजट पेश करने का समय और तारीख?

पहले बजट शाम 5 बजे पेश होता था। यह परंपरा ब्रिटिश शासन से चली आ रही थी। 2001 में यशवंत सिन्हा ने इसे सुबह 11 बजे कर दिया। आगे चलकर मोदी सरकार ने बजट की तारीख 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी कर दी।

पेपरलेस बजट की शुरुआत कब से हुई?

2021 में कोरोना महामारी के कारण पहली बार पेपरलेस बजट पेश किया गया। बजट की सभी प्रतियां डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई गईं। निर्मला सीतारमण ने ब्रीफकेस की परंपरा भी खत्म की। अब वे बही-खाता जैसी दिखने वाली डिजिटल टैबलेट और बैग का उपयोग करती हैं।

सबसे लंबा बजट भाषण किसने दिया?

निर्मला सीतारमण का 2021 का बजट भाषण सबसे लंबा था 2 घंटे 40 मिनट। उन्होंने 2020 में दिए अपने ही 2 घंटे 17 मिनट के भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा।

रेल बजट और आम बजट का विलय

पहले रेल बजट और आम बजट अलग-अलग पेश होते थे। 2016 में सरकार ने दोनों को मिलाने का फैसला किया। 1 फरवरी 2017 को पहला संयुक्त बजट पेश हुआ। रेल बजट की परंपरा 1924 में शुरू हुई थी।

किसने पेश किया 'ड्रीम बजट' ?

1997-98 में पी. चिदंबरम द्वारा पेश बजट को 'ड्रीम बजट' कहा गया। इसमें व्यक्तिगत और कॉरपोरेट टैक्स में बड़ी कटौती की गई थी।

'हलवा सेरेमनी' की परंपरा

बजट की छपाई पूरी होने के बाद वित्त मंत्रालय में एक खास परंपरा निभाई जाती है। इसे 'हलवा सेरेमनी' कहा जाता है। इस मौके पर बड़े बर्तनों में हलवा तैयार किया जाता है। वित्त मंत्री बजट से जुड़े कर्मचारियों को हलवा बांटती हैं। यह परंपरा बजट प्रक्रिया की गोपनीयता शुरू होने का प्रतीक होती है। 2020 में कोरोना महामारी के कारण हलवा सेरेमनी नहीं हुई। उस वर्ष कर्मचारियों को हलवा की जगह मिठाइयां वितरित की गईं।

Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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