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Blanket kaise Karta Hai sharir ko garm: सर्दियों में कंबल कैसे देता है गर्माहट? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण!

Blanket kaise Karta Hai sharir ko garm: सर्दियों के मौसम में जब ठंड अधिक पड़ने लगती है तो हम मोटे-मोटे कंबल और रजाई ओढ़ना पसंद करते हैं, इससे हमारा शरीर काफी गर्म हो जाता है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि कंबल ओढ़ते ही हमारा शरीर गर्म क्यों होता है? क्या कंबल अपने आप गर्म होती है और हमारे शरीर को गर्माहट देती है?

Blanket kaise Karta Hai sharir ko garm: सर्दियों में कंबल कैसे देता है गर्माहट? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण!
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By Chirag Sahu

Blanket kaise Karta Hai sharir ko garm: सर्दियों के मौसम में जब ठंड अधिक पड़ने लगती है तो हम मोटे-मोटे कंबल और रजाई ओढ़ना पसंद करते हैं, इससे हमारा शरीर काफी गर्म हो जाता है। लेकिन कभी आपने सोचा है कि कंबल ओढ़ते ही हमारा शरीर गर्म क्यों होता है? क्या कंबल अपने आप गर्म होती है और हमारे शरीर को गर्माहट देती है? आखिर यह गर्मी आती कहां से है? बचपन में तो हमें यही बताया गया था कि कंबल ओढ़ते ही गर्माहट महसूस होती है लेकिन यह नहीं पता होता था कि यह गर्मी आई कहां से है। रजाई और कंबल से जुड़े इन्हीं सब सवालों के जवाब आज हम जानेंगे।

क्या है रजाई और कंबल का सच

अब तक यदि आपको ऐसा लगता था कि रजाई अपनी खुद की गर्मी से हमारे शरीर को गर्म करती है तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। रजाई स्वयं एक डिग्री भी गर्म नहीं हो सकती। इस चीज का परीक्षण आप स्वयं घर पर भी कर सकते हैं। आप जिस कंबल को ओढ़ते हैं उसके नीचे कुछ निर्जीव वस्तुओं जैसे पेन, कॉपी कुछ भी रखें। आप देखेंगे की वस्तु का तापमान ठंडा ही बना रहता है। यदि रजाई के पास खुद की गर्मी होती तो वह इन वस्तुओं को भी गर्म कर देता, लेकिन इन वस्तुओं में कोई भी गर्माहट नहीं आई। आप दुनिया के किसी भी जगह से कितना भी महंगा कंबल ले आए वह अपने आप गर्मी पैदा नहीं कर सकती।

कंबल के गर्माहट का ये है राज

हमने समझा, कंबल के पास खुद की गर्मी नहीं है तो मन में यह सवाल उठता है कि हमारा शरीर गर्म कैसे होता है। इसका जवाब है हमारा खुद का शरीर। मनुष्य का शरीर एक नेचुरल हीटर की तरह काम करता है जिससे लगातार गर्मी बाहर निकलते रहती है। जब हम आराम से बैठे भी होते हैं तब भी हमारा शरीर 80 से 100 वॉट की दर से गर्मी पैदा करता है। इसी तरह एक सामान्य मनुष्य अपने पूरे दिन के क्रियाकलापों में 2000 से 2500 किलो कैलोरी गर्मी उत्सर्जित करता है। शरीर ऐसा इसलिए करता है क्योंकि अंदर का उचित तापमान 37°C नियंत्रित रहे और शरीर अंदर से ठंडा रहे ज्यादा गर्म न हो।

ऊष्मा के कुचालक है रजाई

कंबल का यह एक खास गुण है कि वह ऊष्मा का कुचालक होता है अर्थात जब भी हम इसे ओढ़ते हैं तो यह शरीर से निकली हुई गर्मी को अंदर ही रोक कर रखता है साथ ही बाहर के ठंड को अंदर आने नहीं देता। और जब लगातार शरीर से गर्मी निकलती रहती है तो यह गर्मी रजाई के सतह पर जम जाती है और अंदर का पूरा वातावरण गर्म रहता है। अक्सर जो रजाई हम ओढ़ते हैं, उसके अंदर रूई या फिर सिंथेटिक फाइबर भरा होता है और इनके बीच में बहुत सारी छोटी-छोटी हवा की परतें धंसी होती हैं। चूंकि हवा, गर्मी की कुचालक होती है इसलिए वह एक इंसुलेटर की तरह काम करता है और कंबल के अंदर ही एक गर्म लेयर बनाकर शरीर को गर्मी देता है।

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