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Bharat ka coconut Island kise kahte hai: इस द्वीप को कहते हैं भारत का कोकोनट आईलैंड! जानिए इसके इतने खूबसूरत होने का राज़।

Bharat ka coconut Island kise kahte hai: आज हम बात करने वाले हैं भारत के कोकोनट आईलैंड (Coconut Island) यानी नारियल द्वीप के बारे में...

Bharat ka coconut Island kise kahte hai: इस द्वीप को कहते हैं भारत का कोकोनट आईलैंड! जानिए इसके इतने खूबसूरत होने का राज़।
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chirag Sahu

Bharat ka coconut Island kise kahte hai: भारत देश तीन तरफ से अलग-अलग समुद्री तटों से घिरा हुआ है। इसके साथ ही भारत के भौगोलिक सीमा की बात करें तो इसमें इन समुद्रों के बीच स्थित द्वीप को भी शामिल किया गया है। भारत के पास कई ऐसी द्वीप है जिनकी अपनी अनोखी और अलग कहानी लोगों को सुनाई पड़ती है। आज हम बात करने वाले हैं भारत के कोकोनट आईलैंड (Coconut Island) यानी नारियल द्वीप के बारे में। आखिर क्यों इस छोटे से द्वीप को कहा जाता है कोकोनोट आईलैंड? आईए जानते हैं इस द्वीप की खासियत।

लक्षद्वीप का इतिहास

लक्ष्यद्वीप की प्राकृतिक सुंदरता जितनी मनोरम है उतना ही सुंदर इसका इतिहास भी है। माना जाता है कि 1500 ईसा. पूर्व से ही यहां मानव की बस्तियां बनी हुई है। इस स्थान को बौद्ध धर्म, चेर राजाओ का राज़ साथ ही इस्लामिक हुकूमत को भी झेलना पड़ा है। फिर 16वीं शताब्दी में इस द्वीप पर पुर्तगालियों ने अपना अधिकार जमा लिया। फिर 1787 में अमीनदिवी समूह के सभी द्वीप पर टीपू सुल्तान का अधिकार हो गया और फिर धीरे से यह अंग्रेजों के कब्जे में भी आया।

अंततः 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन के दौरान लक्षद्वीप को मद्रास से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया और 1 नवंबर 1973 को इसका नाम अमीनदिवी लक्क्कदीव मिनिकॉय समूह से बदलकर लक्ष्यद्वीप रखा गया और इसकी राजधानी के रूप में कवरत्ती को बनाया गया।

लक्षद्वीप है भारत का कोकोनट आइलैंड

लक्षद्वीप भारत के दक्षिण पश्चिम दिशा में समुद्री तट से 400 किलोमीटर दूर अरब सागर में स्थित है। 32 वर्ग किलोमीटर में फैला यह द्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश भी है जिसमें 12 प्रवाल द्वीप, 3 प्रवाल भित्ति और 5 जलमग्न बैंक शामिल है। वैसे तो लक्षद्वीप में कुल 36 द्वीप है लेकिन इनमें से 10 द्वीप में ही इंसान का निवास बना हुआ है। इस द्वीप को नारियल का द्वीप कहने के पीछे कई कारण छिपे हुए है। यहां उपस्थित 82 प्रतिशत कृषि भूमि में सिर्फ़ नारियल की खेती की जाती है। साथ ही नारियल के तेल व इसके रेशों से बने उत्पाद, देश के साथ साथ विदेशो में भी प्रसिद्ध है।

प्राकृतिक सुंदरता का है खजाना

लक्षद्वीप की सुंदरता गोवा और मालदीव को भी टक्कर दे सकती है। यहां सभी आइलैंड उष्णकटिबंधीय वनस्पतियों और हरे-भरे नारियल के पेड़ों से ढके हुए हैं। यदि आप भीड़भाड़ से दूर किसी शांति स्थान की तलाश में है तो लक्षद्वीप एक बेहतरीन स्थान होगा, क्योंकि यहां स्थित अभयारण्य, विभिन्न समुद्री जीव, यहां का नीला पानी और समुद्री तट लोगों को काफी आकर्षित कर रहा है।

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