Bacchon ko brush karane ka Tarika: बच्चों को ब्रश कराने का सही तरीका; जानिए बच्चों को किस उम्र में और कैसे ब्रश कराना चाहिए
Bacchon ko brush karane ka Tarika: कई पेरेंट्स ऐसे भी होते हैं जो मुंह की सफाई के नाम पर बच्चों को जबरदस्ती डांट फटकार कर ब्रश कराते हैं लेकिन यह तरीका बच्चों के लिए बहुत ही गलत साबित हो सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि बच्चों को किस तरह से ब्रश करना चाहिए।

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Bacchon ko brush karane ka Tarika: जिस भी घर में छोटे बच्चे होते हैं तो उनके पालन–पोषण और साफ सफाई को लेकर काफी सजग रहना पड़ता है और बचपन से ही बच्चे माता-पिता का अनुसरण करके इन गुणों को भी सीखते है। जब बच्चों में साफ सफाई की बात आती है तो लोग अक्सर इनके ओरल हाइजीन का ध्यान नहीं रखते अर्थात बच्चों के मुंह की सफाई ठीक तरह से नहीं की जाती है। कई पेरेंट्स ऐसे भी होते हैं जो मुंह की सफाई के नाम पर बच्चों को जबरदस्ती डांट फटकार कर ब्रश कराते हैं लेकिन यह तरीका बच्चों के लिए बहुत ही गलत साबित हो सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि बच्चों को किस तरह से ब्रश करना चाहिए।
किस उम्र से बच्चों को ब्रश करना चाहिए
कई पेरेंट्स ऐसा सोचते हैं कि ब्रश करने का मतलब है दांतों को साफ करना जिस वजह से छोटे बच्चे जिनके पूरे दांत नहीं आए होते हैं वे उन्हें ब्रश कराना सही नहीं समझते। लेकिन यह धारणा पूरी तरह से गलत है। बच्चों का पहला दांत जिस भी उम्र (आमतौर पर 6 महीने) में आपको दिखे उसी समय से आपको ब्रश कराना शुरू कर देना चाहिए। जिन बच्चों के दांत नहीं भी आए हैं उनके मसूड़े की सफाई बहुत जरूरी होती है इसके लिए आप किसी साफ मुलायम कपड़े को गिला करके बच्चों के मसूड़े को दो से तीन बार दिन में साफ जरूर करें। रोजाना यह प्रेक्टिस करने से बच्चों को ब्रश करने की आदत पड़ जाती है और वे ज्यादा परेशान भी नहीं करते।
उचित टूथब्रश और पेस्ट का चुनाव
हर माता-पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि एक वयस्क आदमी जिस टूथब्रश और पेस्ट का उपयोग करता है वह बच्चों के लिए सही नहीं होगा। इसलिए बच्चों को उनके मुंह के हिसाब से स्मॉल सिर वाला और फ्लेक्सिबल ब्रश कराना चाहिए इसके साथ ही ब्रश में इस्तेमाल हुए ब्रिसल्स भी ज्यादा कड़े नहीं होने चाहिए। बच्चे हमेशा चंचल प्रवृत्ति के होते हैं इसलिए यदि पहली नजर में ही उन्हें कोई चीज अच्छी नहीं लगती तो वे उससे दूर भागना पसंद करते हैं इसलिए बच्चों के ब्रश का चुनाव उनके मनपसंद कार्टून या खिलौने के रूप में किया जा सकता है। बच्चों के लिए टूथपेस्ट का चुनाव करते समय यह ध्यान जरूर रखें कि उसमें फ्लोराइड की मात्रा जरूर होनी चाहिए।
बच्चों को ब्रश कराने का सही तरीका
• जब भी बच्चों को ब्रश कराना होता है तो यह ध्यान रखिए की ब्रश हमेशा गोलाकार घूमते हुए कराइए। इस तरह से ब्रश कराने पर बच्चों के दांत और मसूड़े पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता।
• बच्चे जब छोटे होते हैं तो उन्हें कभी भी दांते हुए ब्रश नहीं करना चाहिए। इसका परिणाम यह होता है कि बच्चों में ब्रश करने को लेकर एक डर बैठ जाता है और वे भविष्य में भी मुंह की सफाई के प्रति सजग नहीं रह पाते।
• शुरुआत में बच्चों को ब्रश पकड़ा दे और उन्हें मनचाहे तरीके से ब्रश करने दे फिर अंतिम चरण में बच्चों के मुंह को अच्छी तरह से क्लीन कर लें। इससे बच्चों को समझ आएगा कि ब्रश करना स्वयं का नित्य कार्य है।
• बच्चों के मसूड़ों और दाढ़ों की तरफ अच्छे से ब्रश कराना जरूरी है क्योंकि कैविटी इन्हीं जगहों पर अधिक होती है।
• कई बार बच्चे ब्रश करते वक्त बलगम निकल जाते हैं इसलिए उन्हें ब्रश करने के दौरान कुल्ला करने के साथ-साथ थूकना भी सिखाएं।
