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America ke ghar Bade kyon dikhai dete Hain: भारत के मुकाबले अमेरिका के घर बड़े क्यों दिखाई देते हैं? जबकि जमीन समान होती है। जानिए असली वजह!

America ke ghar Bade kyon dikhai dete Hain: क्या वाकई भारत के घर अमेरिका से छोटे होते हैं या फिर रंग, रूप, आकार देखने में ही कोई धोखा हो रहा है। आइए जानते हैं कि अमेरिका के घर भारत की तुलना में बड़े-बड़े क्यों दिखाई देते है।

America ke ghar Bade kyon dikhai dete Hain: भारत के मुकाबले अमेरिका के घर बड़े क्यों दिखाई देते हैं? जबकि जमीन समान होती है। जानिए असली वजह!
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chirag Sahu

America ke ghar Bade kyon dikhai dete Hain: जब भी हम विदेशों में या खासकर अमेरिका जैसे विकसित देशों में बने घरों को देखते हैं, तो इन घरों का आकार और डिजाइन हमें काफी चौंका देता है। भारत में बने घरों से उनकी तुलना करें तो जमीन लगभग समान ही होती है लेकिन यहां पर बने घर अमेरिका की तुलना में छोटे लगते हैं तो ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या वाकई भारत के घर अमेरिका से छोटे होते हैं या फिर रंग, रूप, आकार देखने में ही कोई धोखा हो रहा है। आइए जानते हैं कि अमेरिका के घर भारत की तुलना में बड़े-बड़े क्यों दिखाई देते है।

घर निर्माण के मटेरियल में है असली फर्क

विदेशो के और भारत में बने घरों में सबसे बड़ा अंतर निर्माण सामग्री में होता है। भारत के घरों में अधिकतर रेत, ईट और सीमेंट का अधिक उपयोग होता है। इन मैटेरियल से बनी दीवारे काफी मजबूत और सख्त होती हैं साथ ही ये दीवारें ठंड के मौसम में गर्मी बाहर नहीं जाने देती। कंक्रीट की यह दीवारें सबसे ज्यादा मजबूत होती हैं। लेकिन वहीं अमेरिका के घरों की बात करें तो उनके घर लकड़ी से बनाए जाते हैं। घर बनाने की यह तकनीक काफी आसान, सरल व सस्ती होती है साथ ही यह अंदर का तापमान भी संतुलित रखता है। वैसे तो लकड़ी के घर बनाना और उसे आकार देना काफी सस्ता होता है फिर भी भारत में लकड़ी के घर नहीं बनाए जाते क्योंकि यहां की गर्म और नम जलवायु में ये घर ज्यादा दिन नहीं टिक सकते।

दीवारों की मोटाई में अंतर

भारतीय घरों के छोटे दिखने का कारण घरों की मोटी दीवारें भी हैं। भारतीय घरों में सामान्यतः दीवारें 6 से 9 इंच मोटी होती हैं जिस वजह से काफी सारा जमीन का हिस्सा इन दीवारों में ही सिमट जाता है और वही अमेरिका में बने घरों की बात करें तो इनकी दीवारें लकड़ी के पतले फ्रेम से निर्मित होती है और दीवारों के पतले होने से यहां काफी जगह बचता है, जिससे इनके घर काफी बड़े दिखते है।

घरों के इंटीरियर में अंतर

जब भी हम किसी भारतीय घर को देखते हैं तो यहां हर परिवार में अलग-अलग रूम, अलग किचन, अलग डाइनिंग हॉल बने होते हैं साथ ही पर्दे भी लगे होते है जिससे प्राइवेसी बनी रहे। लेकिन अमेरिका जैसे देशों में किचन, डाइनिंग हॉल, लिविंग एरिया सभी एक ही जगह पर बिना किसी दीवार के एक ही हॉल में बना होता है, जिस वजह से अंदर से इन घरों को देखने पर यह काफी बड़े लगते हैं।

छत के डिजाइन में अंतर

आप कोई भी भारतीय घर देख ले उसमें जो छत ऊपर बनी होगी वह समतल ही होगी ताकि ऊपर एक और फ्लोर बनाया जा सके या फिर पानी की टंकी रखने और कपड़े सुखाने जैसे कार्य किए जा सके। लेकिन अमेरिका के घरों में जो छत बनाई जाती है उसे स्लोप्ड रूफ कहते हैं अर्थात इन छतों को एक ढलान की तरह बनाया जाता है। कई बार इन देशों में बर्फबारी भी होती है तो बर्फ छत पर नहीं जमता और साथ ही ऐसे छत से घर बड़ा भी लगता है।

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