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VIDEO: 84 की उम्र में भी घुटने के प्रत्यारोपण के बाद मरीजो ने किया डांस व रैम्प वाक, जीवन शैली भी सुधर सकती है आर्थराइटिस के मरीजों की

VIDEO: 84 की उम्र में भी घुटने के प्रत्यारोपण के बाद मरीजो ने किया डांस व रैम्प वाक, जीवन शैली भी सुधर सकती है आर्थराइटिस के मरीजों की
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By NPG News

बिलासपुर, 27 फरवरी 2022. बुजुर्ग आर्थराइटिस के मरीज भी बेहतर जीवन शैली जी सकते हैं और बिना तकलीफ हर काम निष्पादित कर सकते हैं। इसकी बानगी प्रदेश के प्रसिद्ध सर्जन डॉक्टर अंकुर सिंघल टॉक शो में दिखी। जहां 84 वर्ष उम्र के मरीजों ने घुटने के ऑपरेशन के बाद भी आसानी से डांस व रैम्प वॉक कर इसका उदाहरण पेश किया।

ज्ञातव्य है कि डॉक्टर अंकुर सिंघल प्रदेश के जाने माने अर्थोपेडिक सर्जन हैं. Ve पिछले तीन वर्षों से भी अधिक समय से राजधानी के रामकृष्ण केयर अस्पताल से जुड़े हुए हैं। डॉक्टर सिंघल मिनिमम कट टेक्निक से घुटनों का ऑपरेशन करने के लिये जाने जाते हैं, जिससे कम से कम खून बहता है और बहुत कम टाँके लगाने पढ़ते है, इसके अतिरिक्त बहुत ही कम एनैस्थिसिया का उपयोग डॉक्टर सिंघल करते हैं। बदलती जीवनशैली के चलते लोगो मे बढ़ रही आर्थराइटिस की बीमारी के सम्बंध में जागरूकता लाने डॉक्टर सिंघल ने बिलासपुर में कल सेमिनार किया। सेमिनार में आर्थराइटिस के अलावा जोड़ो का दर्द, घुटने का प्रत्यारोपण, हड्डियों की बीमारी,कर्टिलेज की समस्या के बारे में भी डॉक्टर सिंघल ने विस्तार से बताया है।

डॉक्टर ने अपने टाक शो में चर्चा के दौरान बताया कि मोटापा,जीवन शैली में बदलाव, कसरत की कमी, चोट लगने,एक ही पोजिशन में बैठने व खड़े रहने की आदत के कारण जोड़ो की समस्या आम हो चुकी हैं। डॉक्टर ने बताया कि आर्थराइटिस को वात बीमारी के नाम से भी जाना जा सकता है। वात बीमारी दो तरह की होती है, पहला संधि वात, दूसरा गठिया वात.डॉक्टर सिंघल ने वात बीमारी के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि संधि वात अधिक उम्र के लोगो मे व महिलाओं में ज्यादातर होता है, वही गठिया वात 30 की उम्र के बाद कभी भी हो सकता है। डॉक्टर सिंघल ने आर्थराइटिस के प्रारम्भिक लक्षण की जानकारी देते हुए कहा कि आर्थराइटिस का सबसे सामान्य रूप आस्टियोआर्थराइटिस है। जिसमे कार्टिलेज व हड्डियों की घिसाई के चलते यह बीमारी होती है। इसमें जोड़ो में दर्द इसका प्रारम्भिक लक्षण है।

डॉक्टर सिंघल ने बताया कि सर्जरी के द्वारा जोड़ो की बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। इसके बाद आसानी से मरीज अपनी सामान्य जिंदगी जी सकते हैं। डॉक्टर सिंघल अपने उन पूर्व मरिजो से भी रूबरू हुए जिनके उन्होंने पूर्व में ऑपरेशन किये थे। पूर्व में घुटनो का ऑपरेशन करवा चुके लोगो ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उन्हें किसी भी किस्म की कोई तकलीफ नही है और वो मजे से अपनी जिंदगी जी रहे हैं। पूर्व में घुटनो का ऑपरेशन करवा चुके 84 वर्ष के मरीज के साथ ही अन्य मरीजों ने भी रैम्प वॉक व डांस कर सर्जरी के बाद अपने घुटनो के पूरी तरह ठीक हो जाने का प्रमाण दिया।

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