
बिलासपुर, 11 मई 2022। राज्य सरकार द्वारा गठित नया झीरमघाटी जांच आयोग की सुनवाई करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही सरकार व आयोग से कोर्ट ने जवाब मांगा है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी जांच आयोग के गठन करने की वैधानिकता को हाईकोर्ट में नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने चुनौती दी थी। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जस्टिस प्रशांत मिश्रा आयोग ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसे छह माह के भीतर विधानसभा में रखा जाना था। लेकिन, रिपोर्ट सार्वजनिक किए बिना ही नया आयोग गठित कर दिया है।
राज्य शासन ने कुछ माह पहले दो सदस्यीय रिटायर्ड जस्टिस सुनील अग्निहोत्री और जस्टिस मिन्हाजुद्दीन के न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था।
मामले की सुनवाई आज चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी की डिवीजन बेंच में हुई। जिसके बाद अदालत ने सरकार व आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मागा है। कोर्ट के आदेश के चलते अब आयोग अपनी अगली सुनवाई नही कर पायेगा। 4 जुलाई तक आयोग व सरकार को जवाव देने का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को है।
