खत की सियासत: पूर्व मंत्री गणेशराम की अगुवाई में ग्रामीणों की चिरगा प्लांट के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी..मंत्री अमरजीत भगत ने लिखा सीएम बघेल को पत्र "राजनैतिक रुप से मुझे व पार्टी को नुक़सान होगा..प्लांट अनुमति निरस्त करिए"

अंबिकापुर,6 नवंबर 2021।ज़िले के चिरंगा में प्रस्तावित एलमुना प्लांट को लेकर ग्रामीणों के प्रबलतम विरोध के बाद जबकि प्लांट को लेकर हलचल नहीं थमी और ग्रामीणों ने ग्राम सभा को फ़र्ज़ी करार देते हुए आंदोलन करने की अंतिम तैयारी करते हुए पूर्व मंत्री गणेशराम भगत के नेतृत्व में बैठक कर ली, और लड़ाई की कार्ययोजना तय कर गए, ठीक तभी क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने सीएम भूपेश बघेल को पत्र लिख दिया कि, प्लांट की अनुमति निरस्त कर दीजिए।
चिरंगा में एलमुना रिफ़ायनरी प्लांट लगना है, और इस प्लांट को लेकर ग्रामीणों का ज़बर्दस्त विरोध है। ग्रामीण इस मसले को लेकर कई मौक़ों पर विरोध प्रदर्शन से ध्यान खींचते रहे हैं। हालाँकि क्षेत्रीय विधायक अमरजीत भगत सीधे तौर पर इस मसले पर कुछ भी कहने से बचते ही नज़र आए।हालाँकि बीते दिनों उन्होंने यह जरुर कहा था
*"मैं ग्रामीणों के साथ हूँ.. वे जो निर्णय लेंगे उनके साथ हूँ"*
लेकिन यह बयान केवल बयान की तरह माना गया।इधर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता गया और उन्होंने पूर्व मंत्री और वनवासी कल्याण आश्रम से जूड़े जशपुर के गणेश राम भगत की अगुवाई में निर्णायक लड़ाई की रुपरेखा बना ली।
पूर्व मंत्री गणेश राम भगत सीतापुर से अमरजीत भगत के खिलाफ चुनाव लड़ चुके है, हालाँकि गणेश राम भगत हारे लेकिन बेहद कम समय की तैयारी में गणेश राम ने चुनाव लड़ा था और उस हिसाब से नतीजे उतने विपरित राजनैतिक समीक्षकों ने नहीं माने। गणेश राम की सक्रियता हालिया दिनों में सीतापुर में फिर तेज हुई है। यह वही वक्त है जबकि अरसे बाद भाजपा में वापसी के बाद गणेशराम भगत को अपने लिए सीट की तलाश करनी है।
आंदोलित ग्रामीणों के नेतृत्व की क़वायद गणेशराम भगत करेंगे यह ख़बर किसी भी राजनैतिक समझ वाले व्यक्ति के लिए इतनी कठिन नहीं है कि वो इसके क्या दूरगामी असर होंगे इसे ना समझे।
मंत्री अमरजीत भगत ने ठीक इसी वक्त मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा, और उस पत्र को उनके व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट कर दिया गया जिसमें उनसे जुड़ी सूचनाएँ मीडिया तक उपलब्ध कराई जाती हैं। पत्र में क्षेत्रीय विधायक और मंत्री अमरजीत भगत ने लिखा
*"..प्रस्तावित एलुमिना प्लांट की स्थापना का विरोध ग्रामवासी लगातार कर रहे हैं,ग्रामवासियों द्वारा इस संबंध में मुख्यमंत्री,राज्यपाल और राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया है और हाईकोर्ट में रिट दायर की गई है.."*
मंत्री भगत ने पत्र में स्पष्ट लिखा
*"मेरे विधानसभा क्षेत्र की जनता में प्लांट की स्थापना से भारी आक्रोश है व धरना प्रदर्शन किया जा रहा है,तथा ग्रामवासियों में असंतोष रहा है, जिससे राजनैतिक रुप से मुझे एवं पार्टी को नुक़सान होगा.. अतः एलुमिना प्लांट को दी गई अनुमति निरस्त करने का कष्ट करेंगे"*
मंत्री अमरजीत भगत का पत्र ऐसे समय आया ही है जबकि मामले को लेकर गणेशराम भगत सक्रिय हैं और ग्रामीणों की बैठक उनके साथ हुई है, ज़ाहिर है इस पत्र को गणेशराम भगत और ग्रामीणों से जोड़ कर देखा जा रहा है।
इस पत्र को और इसके जारी करने के समय को लेकर मंत्री अमरजीत भगत से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन फ़ोन उनके किसी सहायक ने उठाया और कहा
*"मंत्रीजी क्षेत्र से लौटे हैं.. घर के भीतर हैं.. बाहर आते हैं तो बात कराते हैं"*
लेकिन ख़बर लिखे जाने तक बात नहीं हो पाई है।
