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मंत्री ने अधिकारियों को बेदम पीटा... एक का हाथ टूटा तो एक अस्पताल में भर्ती....कमरा बंद कर कुर्सी से पीटा

मंत्री ने अधिकारियों को बेदम पीटा... एक का हाथ टूटा तो एक अस्पताल में भर्ती....कमरा बंद कर कुर्सी से पीटा
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By NPG News

भुवनेश्वर 22 जनवरी 2022. केंद्रीय मंत्री विश्वेश्वर टुडु पर ओडिशा के दो सरकारी अधिकारियों ने मारपीट का आरोप लगाया है. अफसरों का कहना है कि शुक्रवार को मोदी सरकार के मंत्री ने भाजपा जिला कार्यालय में उनके साथ मारपीट की, जिसमें वे घायल हो गए. इस मामले में केंद्रीय मंत्री के खिलाफ थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है. हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने इन आरोपों से इनकार किया है.

ये घटना केंद्रीय मंत्री विश्वेश्वर टुडु के गृह नगर ओडिशा के बारीपदा की है. विश्वेश्वर टुडु केंद्र में आदिवासी मामलों के और जलशक्ति राज्य मंत्री हैं.विश्वेश्वर टुडु मयूरभंज से बीजेपी के सांसद हैं और पिछले साल जुलाई में कैबिनेट पुनर्गठन के दौरान पीएम मोदी ने उन्हें राज्य मंत्री बनाया था.केंद्रीय मंत्री ने अपने ऑफिस में एक बैठक बुलाई थी. इस बैठक में District Planning and Monitoring Unit के उप निदेशक अश्विनी कुमार मलिक और असिस्टेंट डायरेक्टर देबाशीष महापात्रा को बुलाया गया था.

शिकायत के अनुसार इस दौरान अधिकारी अपने साथ आधिकारिक फाइलें नहीं ले गए थे इसके बाद मंत्री को गुस्सा आ गया और मंत्री के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर उन्हें डांटा और मारपीट की।

पीड़ितों का कहना है कि रिव्यू मीटिंग के दौरान मंत्री किसी बात को लेकर बहुत उग्र हो गए और उन्होंने अंदर से दरवाजा बंद कर दोनों अफसरों पर कुर्सी से हमला कर दिया. इस हमले में देबाशीष महापात्रा का हाथ टूट गया है. जबकि अश्विनी कुमार मलिक को चोटें आई है. दोनों अधिकारियों को बारीपदा के पीआरएम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.

दोनों अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी है। पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि हमले में देबाशीष महापात्रा का बांया हाथ टूट गया है। हालांकि टुडू ने दावा किया कि दोनों अधिकारियों ने पंचायत चुनाव से पहले मेरी छवि खराब करने के लिए इस तरह के आरोप लगाए।

इधर अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से केंद्रीय मंत्री ने इनकार किया है। उन्होंने कहा कि यह गलत और आधारहीन आरोप हैं। टुडु ने दावा किया कि दोनों आरोपों ने मेरी छवि खराब करने के लिए ऐसे आरोप लगाए हैं। हालांकि, टुडु ने यह माना है कि उन्होंने दोनों अधिकारियों को समीक्षा बैठक के लिए बुलाया था। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे कहा था कि वो बाद में आएं क्योंकि मैं चुनाव के कार्य में व्यस्त हूं।'

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