रेप केस के आरोपियों का एनकाउंटर फर्जी: जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पुलिस वालों पर चले हत्या का केस

हैदराबाद 20 मई 2022। हैदराबाद के बहुचर्चित महिला डॉक्टर रेप केस के आरोपियों का एनकाउंटर फर्जी था। यह खुलासा मामले की जांच कर रही सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित किए गए सिरपुरकर कमीशन की रिपोर्ट से हुआ है। पैनल ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी और 2019 में हुई मुठभेड़ को फर्जी करार दिया। इसके साथ ही एनकाउंटर में शामिल 10 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या का केस चलाए जाने की भी सिफारिश की।
हैदराबाद में नवंबर 2019 में 27 साल की एक वेटनरी डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। डॉक्टर का शव शादनगर में एक पुल के नीचे जली हुई अवस्था में मिला था। इसके बाद हैदराबाद पुलिस ने चार आरोपियों को वेटनरी डॉक्टर के साथ सामूहिक दुष्कर्म के और हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। हैदराबाद के NH-44 पर इन चारों आरोपियों एनकाउंटर किया गया था। यह वही राजमार्ग था, जिसके पुल के नीचे 27 वर्षीय पशु चिकित्सक का जला हुआ शव मिला था। पुलिस ने दावा किया था कि 27 नवंबर, 2019 को महिला पशु चिकित्सक का अपहरण किया गया था। उसका यौन उत्पीड़न किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी।
आरोपियों का एनकाउंटर एनएच 44 पर उस वक्त हुआ था जब पुलिस इन आरोपियों के साथ क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट कर रही थी। पुलिस का कहना था कि आरोपियों ने सीन रिकंस्ट्रक्ट के दौरान पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी। इसी दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में चारों आरोपी मारे गए ।
