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सीएम भूपेश बघेल की समझाइश पर शिक्षक 18 दिन की हड़ताल तोड़ स्कूलों में लौटें...पढ़िये इस खबर को क्यों बिना किसी आश्वासन के टूट गई हड़ताल

सीएम भूपेश बघेल की समझाइश पर शिक्षक 18 दिन की हड़ताल तोड़ स्कूलों में लौटें...पढ़िये इस खबर को क्यों बिना किसी आश्वासन के टूट गई हड़ताल
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By NPG News

रायपुर, 29 दिसम्बर 2021। सहायक शिक्षकों ने कल अठारहवें दिन हड़ताल समाप्त कर दिया। 2400 ग्रेड पे को बढ़ाकर 4200 रुपए करने की मांग को लेकर सूबे के 73 हजार से अधिक सहायक शिक्षक 11 दिसंबर से हड़ताल पर थे।

हड़ताल समाप्त करने की घोषणा के दौरान फेडरेशन के नेताओं ने कहा कि उन्हें सरकार से आश्वासन मिला है। जबकि, सरकारी विज्ञप्ति में ऐसा कुछ भी नहीं लिखा है। सिर्फ सीएम ने दी समझाइस का जिक्र है।

हालांकि, शिक्षकों ने अगर सही रणनीति बनाई होती तो हो सकता था कि कुछ भत्ता का ऐलान हो जाता। लेकिन, शुरू से ही 4200 ग्रेड पे पर अड़ गए। और उसके बाद डॉ0 आलोक शुक्ला जैसे प्रमुख सचिव के खिलाफ अनर्गल टिप्पणियां प्रारंभ कर दी। आलोक शुक्ला न केवल छत्तीसगढ़ के सबसे सीनियर अफसर हैं। चीफ सिकरेट्री से भी 3 साल सीनियर आलोक को सरकार ने संविदा में अगर स्कूल शिक्षा और हेल्थ जैसी जिम्मेदारी दी है, तो इसका मतलब शिक्षकों को समझना था । मगर शिक्षकों ने नादानी कर सोशल मीडिया में उन्हें खलनायक बना डाला। आंदोलन की व्यूहरचना ठीक से न होने का ही कारण था कि सहायक शिक्षकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। फेडरेशन को देख-समझ कर नेताओं को बोलने के लिए मंच प्रदान करना था। लेकिन, प्रदर्शन स्थल पर कोई भी आएं-बाएं बोल रहा था। इसका असर आंदोलन पर पड़ा। रही-सही कसर मुख्यमंत्री ने कल शाम बालोद में पूरी कर दी। उन्होंने हड़ताल पर तीखे तेवर दिखाए थे। उसके बाद शिक्षा मंत्री से मुलाकात में तय हुआ था कि आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा। फिर आपात बैठक में पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि अचानक ऐलान कर दिया गया, हड़ताल जारी रहेगी। इसके बाद पता नहीं कहां से चकरी चली.....पुलिस वाले धरनास्थल पहुंचे। कुछ मिनट बाद फेडरेशन के नेता सीएम हाउस पहुंच गए और वहां से निकलने के बाद हड़ताल समाप्त घोषित हो गई। ऐसे में, कोई भी समझ सकता है, सीएम हाउस में क्या हुआ होगा।

सहायक शिक्षक नेताओं का अतिआत्मविश्वास भी बेनतीजा हड़ताल टूटने का कारण बना। सहायक शिक्षकों ने अन्य शिक्षक नेताओं को भी विश्वास में नहीं लिया। ऊपर से हड़ताल का समय भी गलत चुना। ये आंदोलन अगर दो महीने बाद बजट के समय किया जाता, तो कुछ गुंजाइश थी। अभी खजाने की स्थिति भी अनुकूल नहीं है।

बहरहाल, सरकार की प्रेस विज्ञप्ति इस प्रकार है- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कल शाम उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सहायक शिक्षक फेडरेशन के पदाधिकारियों से स्कूली बच्चों के अध्ययन-अध्यापन का नुकसान न होने देने की समझाइश दी। मुख्यमंत्री की समझाइश पर फेडरेशन के पदाधिकारियों ने सहर्ष हड़ताल वापस लेने और 29 दिसंबर से स्कूलों में अध्यापन कार्य करने की घोषणा की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष सी.डी. भट्ट एवं सिराज बख्त, सचिव सुखनंदन यादव, प्रवक्ता बसंत कौशिक एवं राजकुमार यादव सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन अपनी मांग को लेकर बीते 18 दिनों से हड़ताल पर था।

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