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रैली में पीएम मोदी पर हमले की थी प्लानिंग, निशाने पर थी ये रैली'...ईडी का बड़ा खुलासा

रैली में पीएम मोदी पर हमले की थी प्लानिंग, निशाने पर थी ये रैली...ईडी का बड़ा खुलासा
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By NPG News

नई दिल्ली। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने दो महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की साजिश रची थी। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को टारगेट करने की योजना बनाई थी और यूपी में संवेदनशील स्थानों व व्यक्तियों पर हमले शुरू करने के लिए आतंकवादी मॉड्यूल, घातक हथियारों और विस्फोटकों के संग्रह में यह विवादित संगठन शामिल था।

पॉपुलर फ्रंट ऑॅफ इंडिया PFI के देशभर के विभिन्न ठिकानों पर छापे पड़े हैं। 100 से भी अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने पीएफआई से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी दी है। इसके अनुसार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ने दो महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने की साजिश रची थी। 12 जुलाई को उनकी पटना रैली में विस्फोट की तैयारी की थी। इसके लिए पीएफआई का टेरर मॉड्यूल खतरनाक हथियारों और विस्फोटकों जुटाने में लगा हुआ था।

मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक केवल पीएम मोदी पर ही हमले नहीं बल्कि PFI अन्य हमलों के लिए भी टेरर मॉड्यूल तैयार कर रहा था।

ईडी ने एक और खुलासा करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में संगठन ने लगभग 120 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इन पैसों का उपयोग कर देश भर में दंगों और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए योजना थी। इतना ही नहीं इन पैसों का उपयोग फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के लिए हिंसा भड़काने के अलावा हाथरस में दंगा भड़काने के लिए भी किया गया था।

पीएफआई के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए NIA ने 'ऑपरेशन ऑक्टोपस' चलाया था। बता दें कि 22 सितंबर को 11 राज्यों में एनआईए, ईडी और राज्य पुलिस की एक संयुक्त टीम द्वारा किए गए कई छापे में 106 से अधिक पीएफआई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। ईडी ने संगठन के तीन अन्य पदाधिकारियों को दिल्ली से हिरासत में लिया था। इनमें परवेज अहमद, मोहम्मद इलियास और अब्दुल मुकीत का नाम शामिल है।

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