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बारिश अलर्ट: मानसून की एंट्री, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट... छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश सहित इन राज्यों में होगी भारी बारिश

Mausam ki Jankari CG
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By NPG News

नईदिल्ली 30 मई 2022। मानसून का इंतजार अब लगभग खत्म हो गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिणी-पश्चिमी मानसून ने देश में दस्तक दे दी है, रविवार को विभाग ने इसकी पुष्टि की है। दिल्ली के कुछ हिस्सों में रविवार शाम को हल्की बारिश हुई, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली। इधर दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने निर्धारित समय एक जून से तीन दिन पहले रविवार को केरल पहुंच गया।

मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में मानसून केरल के बाकी इलाकों के साथ-साथ कर्नाटक और महाराष्ट्र की ओर भी बढ़ेगा। मौसम विभाग ने अपनी भविष्यवाणी में बताया कि दक्षिणपश्चिमी मॉनसून आज केरल पहुंच गया है। इससे पहले मानसून के पहुंचने की तरीख 1 जून बताई गई थी। आपको बता दें कि मॉनसून 16 मई को अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह पहुंच गया था। इसके साथ ही कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने केरल में रविवार से 1 जून तक भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, 30 मई को तमिलनाडु, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह दक्षिण और तटीय कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

वहीँ स्काईमेट वेदर के मुताबिक अगले 24 घंटे के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और लक्षद्वीप क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, दक्षिण कर्नाटक और पश्चिमी हिमालय की तलहटी में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्वोत्तर राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा है कि दक्षिण पश्चिम मानसून अपने निर्धारित समय एक जून के बजाय 29 मई को ही केरल पहुंच गया। वैसे तो मानसून केरल तथा तमिलनाडु के कई हिस्सों में आगे बढ़ा है लेकिन मौसम तंत्र की बंगाल की खाड़ी वाली शाखा कमजोर पड़ गयी है और वह अभी अंडमान द्वीपों पर ही है।

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