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पुरानी पेंशन बहाल... आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी, इस राज्य के मुख्यमंत्री ने बजट पर किया बड़ा ऐलान

पुरानी पेंशन बहाल... आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी, इस राज्य के मुख्यमंत्री ने बजट पर किया बड़ा ऐलान
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नईदिल्ली 23 फरवरी 2022। राजस्थान में सरकारी कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग करते रहे हैं। इसको लेकर कई बार धरने प्रदर्शन भी हुए, लेकिन बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट की घोषणा के साथ ही पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का ऐलान कर दिया है।मुख्यमंत्री ने शयराना अंदाज में कहा कि न पूछो मेरी मंजिल कहां है, अभी तो सफर का इरादा किया है, न हारूंगा उम्रभर ये मैंने किसी से नहीं खुद से वादा किया है। इसके बाद उन्होंने कहा कि वसुंधरा जी मैंने आप से ही बोलना सीखा है।

सीएम ने कहा कि कारोना का असर सभी जगह पड़ा है, लेकिन हमारे सुशासन की तारीफ पूरी दुनिया में की गई है। उन्होंने चिरंजीवी योजना की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख करने का एलान किया है। सरकार 10 हजार होम गार्डस की भर्ती करेगी, ये सरकारी कार्यालयाें में तैनात किए जाएंगे।

कृषि बजट की बड़ी बातें...

कृषक योजना राशि को दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार करोड़ किया गया है। प्रदेश के 85 लाख किसान परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।

ऑर्गेनिक खेती के लिए 600 करोड़ रुपए का अनुदान देने का एलान किया गया है।

बीज उत्पादन के लिए 12 लाख लघु किसानों को 75 करोड़ का मुफ्त बीज दिया जाएगा।

ग्रीन हाउस के लिए किसानों को 400 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा।

तीन लाख पशु पालकों को मुफ्त बीज दिया जाएगा।

प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिए 50 फीसदी अनुदान या एक करोड़ तक का अनुदान दिया जाएगा।

31 दिसंबर 2012 से चल रही बिजली कनेक्शनों की पेंडेंसी को आगामी दो साल में खत्म किया जाएगा।

किसानों के लिए फसल सुरक्षा मिशन की शुरुआत की गई है।

प्रदेश में 15 कृषि महाविद्यालय खोले जाएंगे।

पांच हजार नए डेयरी बूथ खोलने जाएंगे।

झुंझुनू में पशु चिकित्सा अस्पताल खोला जाएगा।

100 वाटर हार्वेस्टिंग अनिकेत बनाए जाएंगे।

35 हजार किसानों को तारबंदी के लिए अनुदान मिलेगा।

दूध पर अनुदान राशि दो से बढ़कर पांच रुपए की गई।

नई पेंशन स्कीम

- जीपीएफ की सुविधा नहीं है.

- वेतन से प्रतिमाह 10 फीसद कटौती.

- निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं. यह पूरी तरह शेयर बाजार व बीमा कंपनियों पर निर्भर होगी.

- नई पेंशन बीमा कंपनी देगी. यदि कोई समस्या आती है तो बीमा कंपनी से ही लड़ना पड़ेगा.

- रिटायरमेंट के बाद मेडिकल भत्ता बंद, मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति नहीं होगी.

- पारिवारिक पेंशन खत्म

- लोन की कोई सुविधा नहीं (विशेष परिस्थितियों में जटिल प्रक्रिया के बाद ही केवल तीन बार रिफंडेबल लिया जा सकता है)

- रिटायरमेंट पर अंशदान की जो 40 फीसद राशि वापस मिलेगी, उस पर आयकर लगेगा.

- नई पेंशन स्कीम पूरी तरह शेयर बाजार पर पर आधारित, जो जोखिम पूर्ण है.

- महंगाई व वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलेगा.

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