
रायपुर,18 जनवरी 2022। निलंबित IPS जी पी सिंह की पहली रात बैरक में अकेले कटेगी। कोरोना काल में जेल की आंतरिक व्यवस्था के तहत बैरक को विशेष क्वारनटाईन कक्ष में तब्दील किया गया है। ADG जी पी सिंह फ़िलहाल वहीं रहेंगे हालाँकि जीपी सिंह की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव है लेकिन RTPCR रिपोर्ट प्रतीक्षित है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में EOW के अभियोग का सामना कर रहे निलंबित ADG जीपी सिंह को 6 दिन की रिमांड के बाद कोर्ट ने आज ही न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। स्पेशल कोर्ट ने ज़मानत याचिका भी ख़ारिज की है।
विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल ने आदेश में EOW प्रतिवेदन के संदर्भ का उल्लेख किया है।EOW यह प्रतिवेदन जीपी सिंह के जमानत याचिका के विरोध में था। न्यायाधीश लीना अग्रवाल ने आदेश में उल्लेख किया है -
EOW के प्रतिवेदन में बताया गया है किसी रुपेश सर्राफ़ से पूछताछ की आवश्यकता जरुरी है.. जीपी सिंह गिरफ़्तार होने के पहले किसी रुपेश सर्राफ़ से बात कर रहे थे.. जीपी सिंह के विरुध्द आरोप गंभीर प्रकृति के हैं इस परिस्थिति में उन्हें ज़मानत देना उचित प्रतीत नहीं होता
ज़मानत निरस्त का लिखित आदेश क़रीब सात बजकर चालीस मिनट पर आया, हालाँकि उसके पहले न्यायिक हिरासत में जीपी सिंह को भेज दिया गया था।
निलंबित ADG जीपी सिंह जेल में क़रीब दाख़िल हो गए थे। नियमों के अनुरुप उनका एंटीजन टेस्ट किया गया जो कि निगेटिव आया था।उनका आरटीपीसीआर रिपोर्ट अभी नहीं आया है। नियमों के अनुसार वे अभी क्वारनटाईन रखे जाएँगे। जेल के खंड एक में बैरक को क्वारनटाईन कक्षों में तब्दील किया गया है। जीपी सिंह इसी खंड के बैरक में है, उनके पड़ोसी कालीचरण महाराज है। हालाँकि पड़ोसी कालीचरण और निलंबित ADG जी पी सिंह के बीच एक कक्ष ख़ाली रखा गया है।
खबरें हैं कि जीपी सिंह ने जेल में जेल का बना रात का खाना लिया है।याने शाम को निलंबित एडीजी जीपी सिंह ने जेल की रोटी तोड़ ली है।
विदित हो कि ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए विशेष न्यायाधीश लीना अग्रवाल ने जेल अधिक्षक को जीपी सिंह के बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की माँग पर जीपी सिंह के शारीरिक और स्वास्थ्य सुरक्षा का जेल मैन्युअल के अनुरुप ध्यान रखने के निर्देश भी दिए हैं।कोर्ट में जीपी सिंह के अधिवक्ता आशुतोष पांडेय,श्रीधर राव और हिमांशु सिन्हा ने अदालत से आग्रह किया था कि जीपी सिंह महत्वपूर्ण संवेदनशील पदों पर रहे हैं और उन्होंने कई अपराधियों को जेल भेजा है इसके साथ साथ उनके स्वास्थ्य को लेकर भी स्थिति ठीक नहीं है,इसलिए केंद्रीय कारागार में जेल अधीक्षक को निर्देश दिए जाएँ।
