अंडे से ज्यादा विटामिन टमाटर में: वैज्ञानिकों ने ऐसा टमाटर तैयार किया, जिसमें दो अंडे के बराबर विटामिन डी, जानें और कौन-कौन सी सब्जियों में यह प्रयोग हो रहा...
दुनिया में 100 करोड़ लोग विटामिन डी डेफिशिएंसी के शिकार। ऐसे लोगों के लिए बड़ा सोर्स होगा टमाटर।

NPG डेस्क, 07 जून 2022। दुनिया में 100 करोड़ लोग विटामिन डी डेफिशिएंसी के शिकार हैं। भारत में इनकी संख्या 76 प्रतिशत है। नतीजतन, लोग दिल की बीमारी और कैंसर सहित कई गंभीर रोगों से शिकार हो जाते हैं। अब आप कहेंगे कि इसका हल क्या है? आपको बता दें कि वैज्ञानिकों ने ऐसा टमाटर इजाद किया है, जो दो अंडे के बराबर विटामिन डी उपलब्ध कराएगा। वैसे विटामिन डी का सोर्स सूरज की रोशनी या फिर मछली व मिल्क प्रोडक्ट हैं। अब यह खास किस्म का टमाटर भी विटामिन डी सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल हो सकेगा।
खास टमाटर को इस तरह किया गया तैयार
खास किस्म का टमाटर बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने जिस तकनीक का इस्तेमाल किया, उसे CRISPR कहते हैं। इसके जरिए शोधकर्ता जेनेटिक कोड में बदलाव कर पाते हैं। इसी तकनीक से वैज्ञानिकों ने टमाटर के जीनोम स्ट्रक्चर में बदलाव किया, जिससे टमाटर और उसके पत्तो में 7-DHC तत्व इकट्ठा होने लगे। ये तत्व टमाटर के पत्तों में प्रकृतिक रूप से मिलते हैं और विटामिन डी 3 बनाने में काम आता है। विटामिन डी 3 ही विटामिन डी का लेवल सबसे अच्छे तरीके से बढ़ाता है।
वैज्ञानिकों ने टमाटर और उसके पत्तों को अल्ट्रावायलेट लाइट में एक घंटा एक्सपोज किया। नतीजों के मुताबिक, एक टमाटर में 2 अंडों या 28 ग्राम टूना मछली के बराबर विटामिन D पाया गया। यह रिसर्च नेचर प्लांट्स जर्नल में प्रकाशित हुई है।
शोधकर्ता इससे बेहद उत्साहित हैं और इस तकनीक को शिमला मिर्च, बैंगन, मिर्च, आलू और मशरूम पर भी इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके जरिए ये सब्जियां भी विटामिन डी का अच्छा सोर्स बन जाएंगी।
