करोड़पति शिक्षक: 3500 से शुरू की थी नौकरी... 16 साल में 27 कॉलेजों का मालिक बन गया...शिक्षक की काली कमाई का नेटवर्क, जाने

ग्वालियर 28 मार्च 2022. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक संविदा शिक्षक की काली कमाई का आंकड़ा जानकर आप भी चौंक जाएंगे. 16 साल में उसने करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है. एजुकेशन सेक्टर की कई बड़ी-बड़ी दुकानें खोल ली. आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के शिकंजे में फंसे इस संविदा शिक्षक प्रशांत सिंह परमार के ऐशो-आराम को देखकर जांच टीम भी अचंभित रह गई. उसकी काली कमाई का नेटवर्क झारखंड तक फैला हुआ है. प्रशांत के खिलाफ किसी ने आय से अधिक संपत्ति मामले में शिकायत की थी.
साल 2006 में 3500 रुपए महीने में संविदा शिक्षक बना प्रशांत महज 16 साल में 27 कॉलेजों का मालिक बन गया. जानकारी के मुताबिक, प्रशांत के पास महंगी गाड़ी और घड़ियां भी हैं. EOW ने शनिवार को संविदा शिक्षक प्रशांत के एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापा मार कार्रवाई की थी, जिसमें अब चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. मूलतः राजस्थान के रहने वाला प्रशांतने जल्द ही सियायत में उतरने की तैयारी में था.
बता दें, प्रशांत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में गोपनीय शिकायत की थी. इसी मामले को लेकर EOW शनिवार को सहायक शिक्षक प्रशांत परमार के सत्यम टावर स्थित घर पहुंचा. यहां के अलावा ईओडब्लूय ने उसके आधा दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर रेड की थी. इस रेड में ही पता चला कि 2006 से सहायक शिक्षक की नौकरी कर रहा प्रशान्त सिंह परमार आज 24 D.ed, 3 B.ed कॉलेज, और 3 नर्सिंग कॉलेज सहित 27 कॉलेजों का मालिक है. ग्वालियर में प्रशांत के 2 मकान और चार दफ्तर होने की जानकारी के साथ जमींन, बैंक एकाउंट्स और लॉकर के दस्तावेज भी मिले हैं.
ग्वालियर में ईओडब्ल्यू के शिकंजे में आया संविदा शिक्षक प्रशांत सिंह परमार जबरदस्त लग्जरी लाइफ जी रहा था. प्रशांत विदेशों में घूमने का शौकीन निकला. उसके पास कई देशों के वीजा मिले.पिछले साल उसने पत्नी और बच्चों के साथ अमेरिका में एक महीने तक मौज मस्ती की थी. आरोपी के ग्वालियर स्थित दफ्तर बड़े-बड़े रईसों के ऑफिस जैसे हैं. उसके दफ्तर 17 लाख रुपये कीमत के केवल कांच के फर्नीचर थे.
प्रशांत मूलतः राजस्थान के बाड़ी का रहने वाला है. उसका यह नेटवर्क झारखंड तक फैला होना पाया गया है. इस कार्रवाई के बीच EOW को प्रशांत के ठिकानों से कई सरकारी दफ्तरों और अधिकारियों की स्टैम्प सील मिली हैं. ऐसे में सम्भवना है कि आरोपी सहायक शिक्षक प्रशांत परमार उन फर्जी स्टाम्प सील के जरिये यह काला खेल संचालित कर रहा होगा.
